गिरंट क्षेत्र में गिरी मक्के की फसल
श्रावस्ती। जिले में बुधवार को सुबह चटख धूप खिली, लेकिन दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। आसमान में काले बादल उमड़े और तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर में खेतों में पानी भर गया और कई जगह फसलें गिर गईं। अचानक हुई बारिश से किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
बीते दिनों लगातार तीन दिन हुई बारिश और तेज हवा से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई अभी नहीं हो सकी थी। बुधवार को फिर तेज हवा के साथ बारिश होने से तैयार धान की फसल को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा गन्ना, केला और मक्का की फसल भी प्रभावित हुई। कई स्थानों पर हवा के कारण धान, मक्का और केले के पौधे खेतों में गिर गए। खेतों में पानी भरने से तैयार धान की कटाई प्रभावित होने की आशंका है। कुछ स्थानों पर छोटे-छोटे ओले भी गिरे। इससे सब्जियों की फसल को विशेष नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है।
किसानों का छलका दर्द
तुलसीपुर/गिरंट बाजार। ग्राम अड़राई निवासी अनोखेलाल यादव, तुलसीपुर निवासी लोकनाथ आर्या और वीरगंज बाजार निवासी सतीष पाठक ने बताया कि पहले ही बारिश और तेज हवा से फसलों को काफी नुकसान हो चुका है। अब दोबारा मौसम खराब होने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। कई खेतों से फसल समेटने में भी दिक्कत होगी। किसानों ने प्रशासन से फसलों का सर्वे कराकर नुकसान का आकलन कराने और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।
हरदत्त नगर गिरंट के मजरा काशीपुरवा निवासी मनीष कुमार यादव ने बताया कि पहले तेज हवा से मक्के की फसल गिर गई थी। अब बालियां तोड़कर अनाज समेटने का काम चल रहा था, लेकिन बारिश से बालियां भीग गईं। इससे उनमें जमाव होने की आशंका है।
किसान खेतों में भरे पानी को निकालने का प्रबंध करें। साथ ही यदि फसलें पक गई हों तो उन्हें काटकर सुखाएं, जितना जल्दी फसलों से नमी दूर होगी उतना ही कम नुकसान होगा।
- डॉ. उमेश कुमार गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी
गिरंट क्षेत्र में गिरी मक्के की फसल