श्रावस्ती। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से राजकीय विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। इससे पढ़ाई में कमजोर छात्रों को सामान्य विद्यार्थियों के बराबर लाने में मदद मिलेगी।
पढ़ने में कमजोर छात्रों को निपुण बनाने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से उपचारात्मक शिक्षा पद्धति लागू की गई है। इसके तहत राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों में से 25 प्रतिशत कमजोर छात्रों को चिह्नित कर उन्हें शिक्षित किया जा रहा है। इससे इन छात्रों को सामान्य विद्यार्थियों की तरह ही पढ़ाई में अग्रणी बनाया जा सकेगा।
जिला समन्वयक माध्यमिक शिक्षा डॉ. विनोद गुप्ता ने बताया कि उपचारात्मक शिक्षा के तहत तीन माह तक अतिरिक्त कक्षा कक्षों का संचालन किया जाएगा। जिले के हाईस्कूल के 23 व इंटरमीडिएट के पांच विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है।
बताया कि इस पद्धति के तहत छात्रों को हिंदी, विज्ञान, अंग्रेजी व गणित विषय की शिक्षा दी जा रही है। विद्यालय में तैनात संबंधित विषय के शिक्षक ही छात्रों को विद्यालय की शिक्षण अवधि में ही अलग से शिक्षा देकर निपुण बनाने का काम कर रहे हैं।
शिक्षकों को मिलेगा पारिश्रमिक
अतिरिक्त कक्षा मेंं पढ़ाने वाले शिक्षकों को विभाग की ओर से 1500 रुपये पारिश्रमिक के रूप में दिए जाएंगे। इस पारिश्रमिक का भुगतान वेतन में ही जोड़कर किया जाएगा। इन अतिरिक्त कक्षाओं से विभिन्न विषयों की पढ़ाई में सुधार होगा।
-अजय कुमार, प्रभारी बीएसए