श्रावस्ती। पंजीयन कराने के बाद भी स्कूल छोड़ देने वाले बच्चों को चिह्नित कर उन्हें विद्यालय छोड़ने से रोका जाएगा। इसके लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम कार्यक्रम को शुरू किया जाएगा। इस कार्यक्रम की जागरूकता के लिए विकास भवन सभागार में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। इसमें भविष्य में विद्यालय छोड़ देने वाले बच्चों को चिह्नित कर उन्हें शिक्षा की मुख्य धारा में नियमित रूप बनाए रखने पर गहन मंथन हुआ। कार्यशाला के समापन पर मंगलवार को बीएसए अमिता सिंह ने कहा कि समग्र शिक्षा योजना के तहत सभी विद्यालयों में अर्ली वार्निंग सिस्टम लागू किया जाना है। इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चे जो विद्यालय छोड़ सकते हैं, उन्हें चिन्हित किया जाना है। इसके लिए अध्यापकों व अभिभावकों से परामर्श व विद्यालय प्रबंध समिति के साथ ही मां समूह की भी नियमित बैठक का आयोजन होगा। ताकि ऐसे बच्चों को विद्यालय छोड़ने से रोका जा सके।
जिला समन्वयक अजीत कुमार उपाध्याय ने बताया कि कार्यशाला के माध्यम से सबसे पहले मास्टर ट्रेनर्स तैयार किए जा रहे हैं। इनके माध्यम से सभी शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। बाद में बच्चों का चयन कर जो अर्ली वार्निंग सिस्टम के लक्षण रखते हैं। उनके अभिभावकों के साथ काउंसलिंग कर उन्हें विद्यालय में नियमित उपस्थित रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस दौरान अमिताभ, सुनील कुमार, प्रज्ञा सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
कार्यशाला का आयोजन
श्रावस्ती। अलक्षेंद्र इंटर कॉलेज भिनगा में संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश एवं संस्कार भारती की ओर से बीस दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसमें पारंपरिक लोक गायन व लोक नृत्य का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके 13 वें दिन मंगलवार को कजरी व माटी गीत का प्रशिक्षण दिया गया। जिसका समापन 14 अगस्त को होगा। प्रशिक्षण के दौरान संस्कार भारती प्रमुख दिनेश प्रताप सिंह, प्रधानाचार्य ज्योति प्रकाश पांडे सहित अन्य मौजूद रहे। संवाद