श्रावस्ती। इरादे नेक हो तो सपने भी साकार होते हैं, अगर सच्ची लगन हो तो रास्ते भी आसान होते हैं। किसी कवि की इन पंक्तियों को चरितार्थ किया है इकौना विकास क्षेत्र के ग्राम चिचड़ी निवासी दृष्टि बाधित कामता प्रसाद आर्या ने। कामता को यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में 81.66 प्रतिशत अंक मिले हैं।
दिव्यांगता अभिशाप नहीं है। यह सिद्ध किया है इकौना के चिचड़ी निवासी राजकुमार आर्या व विद्यावती आर्या के पुत्र कामता प्रसाद ने। कामता प्रसाद पूर्ण रूप से दृष्टि दिव्यांग है। उन्होंने सात वर्ष की आयु में सर्व शिक्षा अभियान में दिव्यांग बच्चों के लिए संचालित एक्सीलेरेटेड कैंप से अपनी शिक्षा की शुरूआत की।
जहां उसने कक्षा आठ तक कि शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद कामता प्रसाद का नामांकन कैंप के माध्यम से स्पर्श राजकीय दृष्टि बाधित बालक इंटर कॉलेज मोहान मार्ग आलम नगर लखनऊ में कराया गया। जहां कामता ने हाईस्कूल में 81.66 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले का नाम रौशन किया है।
इस बारे में और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओमकार राणा ने बताया कि कामता ने यूपी बोर्ड की कक्षा 10 की परीक्षा में 490 अंक प्राप्त किया है। कामता आगे स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण कर बीएड करने के बाद शिक्षक बनना चाहता है। वहीं सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक अजीत कुमार उपाध्याय ने बताया कि कामता ने अपने अंदर छिपी प्रतिभा को प्रदर्शित किया है। वह आज दिव्यांग बच्चों के लिए एक आदर्श है। जिससे उनको सीख लेनी चाहिए कि दुनिया में कोई भी काम असंभव नहीं है।