वीरपुर। इकौना के तिलकपुर स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय बदहाली का शिकार है। न तो यहां पर्याप्त चिकित्साकर्मी हैं और न ही भवन बेहतर है। ऐसे में यहां पर पशुओं का इलाज कराने के लिए आने वाले लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही यहां के कर्मियों को भी समस्या झेलनी पड़ रही है।
शासन-प्रशासन पशुओं की सेहत दुरुस्त रहे, इसके लिए संसाधनों को उपलब्ध कराने का दावा कर रहा है। वहीं इकौना क्षेत्र के राजकीय पशु चिकित्सालय तिलकपुर की हालत खस्ता है। चिकित्सालय में तैनात एक मात्र चिकित्सक विनोद कुमार भार्गव ने बताया कि इस चिकित्सालय पर लगभग 15 से 20 गांव के मवेशियों के इलाज का जिम्मा है, लेकिन कर्मियों की कमी से कई बार हर जगह पहुंचना भी संभव नहीं हो पाता है। मात्र दो पैरावेट कर्मी व एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी ही तैनात है।
वहीं अस्पताल परिसर में बने भवन जर्जर हो चुके हैं। मवेशियों को बांधने के लिए बना टिनशेड खस्ताहाल है, साथ ही मवेशियों के उपचार के लिए बना अड़गड़ा भी टूट चुका है। विद्युत उपकरण खराब होने से दवाएं फ्रिज में रखने के बजाय बाहर ही रखी जाती है। भूसा रखने वाला कमरा भी जर्जर है।
सीवीओ डॉ. सुनील कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल के जर्जर भवन को दुरुस्त करने के लिए शासन को सूचना भेजी गई है। साथ ही कर्मियों की तैनाती के लिए भी लिखापढ़ी की गई है। शासन से निर्देश मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।