श्रावस्ती। शिक्षण कार्य में कान्वेंट सी पढ़ाई के साथ ही बच्चों को वैदिक संस्कार सिखाने वाले गिलौला के प्राथमिक विद्यालय अगरडीहा के शिक्षक डॉ. आनंद त्रिपाठी को राज्य पुरस्कार के लिए चुना गया है। स्कूल कैंपस में पढ़ाई के साथ ही कई तरह के अन्य अनुभव प्रयोग से गिलौला के प्राथमिक विद्यालय में वर्तमान में 212 बच्चों का नामांकन हो चुका है।
राज्य पुरस्कार के लिए चुने गए प्रधान शिक्षक डॉ. आनंद त्रिपाठी ने अपनी इस उपलब्धी से जिले का नाम रोशन किया है। उनकी तैनाती गिलौला के प्राथमिक विद्यालय अगरडीहा में वर्ष 2014 में हुई थी। उस समय स्कूल की स्थिति काफी जर्जर थी। पढ़ाई लिखाई ठीक न होने से स्कूल में बच्चों का नामांकन भी नाम मात्र का था। प्रधान शिक्षक त्रिपाठी ने धीरे धीरे अपनी मेहनत व अभिनव सोच से मिशन कायाकल्प के माध्यम से स्कूल की तस्वीर ही बदल दी। जन सहयोग के माध्यम से स्कूल में हुए बदलाव के बाद अब यहां दो कक्षों में स्मार्ट क्लास भी है।
अब विद्यालय के बच्चे अंग्रेजी बोलने के साथ ही कंप्यूटर का संचालन भी पूरी कुशलता के साथ करते हैं। स्कूल का पूरा माहौल ही बदला नजर आता है। शिक्षक आनंद के इसी कार्य को देखते हुए वर्ष 2021 में प्रधान शिक्षक को एससीईआरटी ने मेरा स्कूल मेरी पहचान का राज्य पुरस्कार भी दिया था। मुख्यमंत्री व जिला प्रशासन भी इस स्कूल को कई बार सम्मानित कर चुके हैं। इस वर्ष यहां के प्रधान शिक्षक डा आंनद त्रिपाठी को शिक्षकों को मिलने वाला राज्य पुरस्कार मिला है।