बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती में वर्षवास पूजन के दौरान पारंपरिक नृत्य करते अनुयायी
कटरा। बौद्ध स्थली श्रावस्ती स्थित श्रीलंका बुद्ध विहार में बृहस्पतिवार को विशेष पूजन के साथ वर्षावास पूजा का समापन हुआ। शानदनि रानागाना कला निकेतन, श्रीलंका के सौजन्य से आयोजित कार्यक्रम में कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया। बौद्ध भिक्षु श्रद्धालोक महाथेरो ने भगवान बुद्ध के जीवन प्रसंगों का वर्णन किया।
उन्होंने बताया कि बुद्ध के शरीर से विभिन्न रंगों का प्रकाश निकलने और उनके अनेक रूप दिखाई देने की घटना ने लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया था। बुद्ध ने अपने हमशक्ल के साथ धम्म पर वाद-विवाद किया। उनके प्रतिद्वंद्वी इस घटना से प्रभावित हुए। भिक्षु ने बताया कि इस प्रसंग के बाद वहां मौजूद 90 हजार लोगों ने बौद्ध धर्म स्वीकार किया था। महायान परंपरा के अनुसार, बुद्ध अपनी दिवंगत माता को अभिधम्म की शिक्षा देने स्वर्ग गए थे।