'यूजीसी से भविष्य में बच्चों का हो सकता है अहित'
यूजीसी के विरोध में भाजपा के निवर्तमान में जिलाध्यक्ष उदय प्रकाश त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का बहिष्कार किया। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि भाजपा में उनकी दूसरी पीढ़ी है, 17 साल की उम्र में बूथ अध्यक्ष के रूप में भाजपा से जुड़े थे।
भाजपा इकलौती पार्टी है जो राष्ट्रवाद की बात करती है। 2012 से यूजीसी लागू है लेकिन 13 जनवरी को लाए गए प्रावधान में कमेटी से सवर्ण को बाहर कर दिया गया। प्रधानमंत्री व शिक्षामंत्री से मांग है कि संसोधन कर कमेटी में सवर्ण को भी शामिल करें। ये प्रावधान समानता के अधिकार को भी छीन लेगा। मेरी मांग है कि कमेटी में सवर्ण को लाएं और झूठी शिकायत पर सजा का प्रावधान किया जाए।
सलोन में किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष का इस्तीफा
इस विरोध की कड़ी में अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के छोटे नेता भी खुलकर सामने आ रहे हैं। भाजपा किसान मोर्चा के नेता रमेश बहादुर सिंह ने पार्टी के सवर्ण विधायकों और सांसदों को चूड़ियां भेजकर अपना विरोध जताया है। वहीं, सलोन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष श्यामसुंदर त्रिपाठी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
श्यामसुंदर त्रिपाठी ने अपना इस्तीफा किसी संगठन पदाधिकारी को सौंपने के बजाय सीधे प्रधानमंत्री को भेजने की बात कही है। उन्होंने यूजीसी बिल को सवर्णों के खिलाफ बताते हुए इस कदम को उठाया है। त्रिपाठी का यह कदम भाजपा के भीतर बढ़ते असंतोष को दर्शाता है, जहां पार्टी के नेता इस बिल को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। यह स्थिति पार्टी के लिए आंतरिक चुनौती पेश कर सकती है, क्योंकि विरोध का दायरा लगातार बढ़ रहा है।