संवाद न्यूज एजेंसी
इकौना (श्रावस्ती)। नगर पंचायत इकौना में तहसीलदार की ओर से वर्ष 2011 में ऑफलाइन पिछड़ी जाति (कसौधन) का प्रमाणपत्र जारी किया गया था। जिसके सत्यापन की मांग पर इकौना में कसौधन समाज के लोगों ने हंगामा किया।
नगर निकाय चुनाव को लेकर इकौना के लोगों में जाति प्रमाण पत्र सत्यापन का मुद्दा गरमा रहा है। यहां तहसीलदार इकौना की ओर से एक संभावित प्रत्याशी के पक्ष में 2011 में ऑफलाइन जाति प्रमाणपत्र जारी किया गया था। जिसमें कसौधन वैश्य को पिछड़ा दर्शाया गया है। इसे सत्यापित करने के बाद नगर के लोगों ने बृहस्पतिवार को हंगामा किया। उनका आरोप था कि स्थानीय निकाय चुनाव के आरक्षण में नगर पंचायत इकौना को पिछड़ी महिला के लिए आरक्षित किया गया है।
वर्तमान समय में नगर के वैश्य बनिया बिरादरी का पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र ना बन पाने से कई प्रत्याशी चुनाव लड़ने से वंचित हो गए है। जबकि इसी दौरान निवर्तमान नगर पंचायत इकौना के अध्यक्ष की पत्नी रेनु गुप्ता उर्फ गुड़िया का वर्ष 20 जुलाई 2011 को निर्गत पिछड़ी जाति (कसौधन) के प्रमाणपत्र को 11 अप्रैल 2023 को तहसीलदार इकौना की ओर से सत्यापित किया गया है। इसकी सूचना मिलते ही नगर क्षेत्र के सैकड़ों लोग तहसील इकौना में अपने पूर्व में जारी कसौधन जाति के प्रमाणपत्र को सत्यापित करने की मांग करने लगे है।
ऐसे में लोगों ने तहसीलदार को प्रार्थना पत्र देकर कसौधन वैश्य समाज के पिछड़े वर्ग के प्रमाणपत्र को सत्यापित करने की मांग की है। प्रार्थना पत्र देने वालों में कन्हैया कशोधन, मन्ना देवी, संजय कुमार गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, अर्चना कसौधन, रामनिवास गुप्ता, भोलानाथ गुप्ता समेत कई लोगों का नाम शामिल है। वहीं तहसीलदार इकौना संजय राय ने बताया कि देर शाम तक प्रार्थनापत्र निस्तारित कर दिए जाएंगे।