श्रावस्ती। थानों पर दर्ज होने वाले मुकदमों की समय से विवेचना नहीं हो रही है। इसका खुलासा शुक्रवार देर शाम सिरसिया थाने में हुआ। जहां अपराध समीक्षा के दौरान एएसपी को 52 विवेचनाएं लंबित मिलीं। इस पर नाराजगी जताते हुए दो विवेचकों से जवाब तलब किया गया है।
जिले के थानों में तमाम मामले ऐसे दर्ज हैं जिनकी विवेचना काफी समय से लंबित है। इतना ही नहीं तमाम मामलों में पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी भी नहीं कर रही है। इससे पीड़ितों को सुलभ व सुगम न्याय मिलता नहीं दिख रहा है।
एक तरफ जहां थानों में मामला दर्ज कराने के लिए फरियादियों को महीनों भटकना पड़ता है वहीं विवेचकों की हीलाहवाली के कारण फरियादियों को न्याय के लिए कई कई माह इंतजार भी करना पड़ता है। इसका समय समय पर एसपी व एएएसपी की समीक्षा में खुलासा भी हो रहा है। उनकी ओर से विवेचकों को इस पर सख्त चेतावनी भी दी जा रही है। कार्रवाई न होने के कारण विवेचकों की कार्य प्रणाली में कोई बदलाव आता नहीं दिख रहा है।
ऐसे ही कुछ शुक्रवार देर शाम सिरसिया थाने में देखने को मिला। थाने पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक बीसी दूबे ने अपराध समीक्षा कर विवेचना निस्तारण का हाल जाना। इस दौरान थाना स्तर पर 52 विवेचनाएं लंबित मिली। सर्वाधिक विवेचना लंबित रखने वाले दो विवेचकों को फटकार लगाते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
वहीं प्रभारी निरीक्षक रामसमुझ प्रभाकर सहित सभी विवेचकों को लंबित विवेचनाओं का निपटारा करने, वांछित, वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी तथा लंबित प्रार्थना पत्रों का गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारण करने के लिए निर्देश दिया। इसके बाद एएसपी ने थाना परिसर, आगंतुक कक्ष, हवालात, बैरक, मालखाना, भोजनालय, थाना कार्यालय में रजिस्टरों की जांच भी की।