तुलसीपुर /लक्ष्मननगर (श्रावस्ती)। फतुहापुर गांव के निकट मिट्टी खनन से बने गड्ढे में भरे बारिश के पानी में डूबकर शनिवार को दो बालिकाओं की मौत हो गई। मौके पर पहुंचे परिवारीजनों ने पुलिस की मौजूदगी में शवों को बाहर निकाला। मामले में परिवारीजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। इस पर लक्ष्मननगर चौकी पुलिस ने शव का पंचनामा भरा कर उसे अंतिम संस्कार के लिए परिवारीजनों को सौंप दिया है।
सोनवा थाना क्षेत्र में ग्राम फतुहापुर के बगल में ईंट भट्ठे का संचालन हो रहा है। भट्ठा संचालक ने ईंट निर्माण के लिए पास के ही एक खेत में जेसीबी लगा कर मिट्टी निकलवाई थी। इससे मौके पर तालाब जैसा गड्ढा बन गया था। विगत दिनों हुई तेज बरसात के बाद इसमें जलभराव हो गया था। शनिवार को पड़ोसी नेवरिया गांव निवासी खुशनुमा (14) पुत्री निसार व पतरी (10) पुत्री इबरार गांव के ही कुछ अन्य बच्चों के साथ बकरी चराने गई थी। इस दौरान सभी मिट्टी खनन स्थल पर पहुंच गए। यहां पानी भरा देख खुशनुमा उसमें नहाने चली गई।
अधिक गहराई के चलते वह गड्ढे में डूबने लगी, यह देख पतरी उसे बचाने के लिए पानी में उतर गई। इस दौरान खुशनुमा व पतरी गहरे पानी में डूब गई। साथ में मौजूद अन्य बच्चों ने गांव आकर परिवारीजनों को इसकी जानकारी दी। सूचना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।
सूचना पर पहुंचे लक्ष्मननगर चौकी प्रभारी राम प्रवेश यादव ने परिवारीजनों के सहयोग से दोनों बालिकाओं के शव को पानी से बाहर निकलवाया। परिवारीजनों की ओर से पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिए जाने के कारण पुलिस ने शव का पंचनामा भरा कर अंतिम संस्कार के लिए उनको सौंप दिया। इस बारे में सोनवा थाना प्रभारी बृजेश द्विवेदी ने बताया कि खुशनुमा की मां नफीसा व पतरी की मां ननकई के प्रार्थना पत्र पर पंचनामा भराकर शव को परिवारीजनों को सौंप दिया गया है।
पिता थे परदेश, भेजी गई सूचना
नेवरिया निवासी खुशनुमा के पिता निशार मौजूदा समय हिमाचल प्रदेश में रहकर मेहनत मजदूरी करता है। घर पर वह मां नफीसा व दो भाई शादाब (8) तथा बब्बू (6) के साथ रहती थी। जबकि पतरी के पिता इबरार मौजूदा समय सऊदी में हैं। पतरी अपनी मां ननकई, बहन रघुरा (23), मोटी (12), छोटी (8), फरहाना (6) बघई (4) के साथ रहती थी। दोनों की मौत के बाद न सिर्फ परिवारीजनों में कोहराम मचा हुआ है, बल्कि गांव में भी मातम छा गया है। दोनों की मौत की सूचना उनके पिता को भेजी गई है।