खाद के लिए महिलाओं में मारपीट।
- फोटो : खाद के लिए महिलाओं में मारपीट।
श्रावस्ती/तुलसीपुर। जमुनहा तहसील क्षेत्र में हुक्मरानों की उदासीनता के चलते यूरिया खाद संकट गहराने लगा है। जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते मंगलवार को क्षेत्र के दो सहकारी समितियों पर ताला लटकता नजर आया। वहीं, एक समिति पर इतनी भीड़ हुई कि जमकर धक्कामुक्की हुई। धक्कामुक्की के बीच दो महिलाओं में जमकर मारपीट हुई। पुलिस ने दोनों को समझाकर मामला शांत करवाया।
तराई में खरीफ सीजन 2025-26 में बीते वर्ष की अपेक्षा 5500 मीट्रिक टन अधिक खाद वितरित होने के बाद खाद संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इसके चलते किसानों में शासन-प्रशासन के प्रति आक्रोश उमड़ रहा है और समितियों पर मारपीट की नौबत आ गई है। मंगलवार को खाद पहुंचने की सूचना पर जमुनहा के मल्हीपुर खुर्द स्थिति बहुउद्देश्यीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति पर किसानों का हुजूम उमड़ पड़ा। खाद लेने के लिए सैकड़ों महिलाएं भी समिति पर पहुंच गईं। इस दौरान लाइन में धक्कामुक्की होने से दो महिलाओं में जमकर मारपीट हो गई। यहां पुलिस की मौजूदगी में खाद वितरित करवाई गई। बावजूद इसके सैकड़ों किसान बिना खाद के घर वापस लौट गए। किसान सरवन, ननकऊ, मोहन, निर्मल कुमार आदि ने आरोप लगाया कि वह घंटो लाइन में लगे रहे, लेकिन खाद नहीं मिली।
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खाद के लिए भटकते रहे किसान
तराई में यूरिया किल्लत के बीच जिम्मेदारों की लापरवाही भी चरम पर है। जहां किसान फसल बचाने के लिए एक बोरी खाद के लिए 10-10 किलोमीटर की दौड़ लगा रहा है, तो वहीं जिम्मेदार समितियों पर ताला लगाकर नदारद रह रहे हैं। मंगलवार को जमुनहा क्षेत्र की गई पड़ताल में गौसपुर स्थिति साधन सहकारी समिति पर ताला लटक मिला। यही हाल जमुनहा के बहोरवा चौराहे पर स्थित बहुउद्देश्यीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति का रहा। खाद की उम्मीद में पहुंचने वाले किसान ताला देखकर लौटते रहे।