श्रावस्ती। हत्या के मामले में दो भाइयों को शनिवार को जिला जज ने दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास व 13-13 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। वहीं, एक आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए आरोप मुक्त कर दिया है। मामला 12 वर्ष पूर्व मल्हीपुर के लक्ष्मणपुर कोठी के लक्ष्मनपुर भगवानपुर गांव का है।
गांव निवासी बछउवा पुत्र बलभद्दर की न तो पत्नी थी और न ही कोई बच्चे थे। वह अपने चचेरे भाई राजाराम निवासी लक्ष्मणपुर कोठी के साथ रहता था। बछउवा के हिस्से की भूमि को गांव निवासी श्यामलाल, भुसैली व मुंशी ने जालसाजी कर अपनी मां सुभागा पत्नी राम लखन के नाम करा दिया था। बाद में चारों ने मिलकर बछउवा की वर्ष 2013 में जहर देकर हत्या कर दी। राजाराम की तहरीर पर मल्हीपुर पुलिस ने चारों के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कर जेल भेजा था। बाद में सभी जमानत पर छूटे थे। दौरान मुकदमा मुंशी की मौत हो गई।
मामले में गवाहों के बयान व अभियोजन की दलीलों के आधार पर शनिवार को जिला जज राम मिलन सिंह ने अपना फैसला सुनाया। उन्होंने हत्यारोपी श्याम लाल व भुसैली को आजीवन कारावास व 13-13 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। वहीं सुभागा को संदेह का लाभ देते हुए आरोप मुक्त कर दिया है। आरोपी भाइयों को पुलिस अभिरक्षा में जिला कारागार बहराइच ले जाया गया है।