बुद्ध विहार स्थित भगवान बुद्ध की प्रतिमा।- संवाद
कटरा। बुद्ध विहार श्रावस्ती में सोमवार से छह दिवसीय बौद्ध सांस्कृतिक महासभा का शुभारंभ हुआ। इस दौरान लद्दाख के बौद्ध अनुयायियों ने अपने रीति रिवाज के अनुसार बौद्ध भिक्षु जलछल लामा की अध्यक्षता में विशेष पूजा-अर्चना की।
कार्यक्रम दौरान बौद्ध भिक्षु ने बताया कि लद्दाख के 150 अनुयायी 10 जनवरी तक विशेष पूजा करेंगे। उन्होंने कहा कि जिस पेड़ की जड़ें उर्वर भूमि में फैलती हैं, उस पेड़ पर ही फूल व फल लगते हैं। उन्होंने आगे बताया कि संसार रूपी खेत में कर्म रूपी साधन से उपज रूपी पुण्य से त्रिरत्नों की शरण रूपी फूल व विमुक्ति रूपी फल प्राप्त होता है।
इसके लिए मानव समाज, लोक धर्म व नैसर्गिकता अनिवार्य आधार हैं। बिना सदकर्मों के पुण्य स़ंग्रह संभव नहीं है। इस मौके पर छिरिग छुक, पुनचोक अनगुछोक व कोनछोक नामजिल आदि मौजूद रहे।