श्रावस्ती। तराई पर मौसम की मार लगातार जारी है। शुक्रवार रात आठ बजे ही घना कोहरा छा गया, जो शनिवार सुबह आठ बजे तक जारी रहा। इसके साथ चली पछुआ हवा ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया। 12 घंटे तक ठिठुरने के बाद तराई वासियों को शनिवार सुबह लगभग 11 बजे धूप निकलने से राहत मिली।
कोहरे का सीधा असर वाहनों की रफ्तार पर पड़ा, हेडलाइट जलाकर रेंगते हुए चले। कोहरे के चलते कई लोगों ने अपनी यात्राएं रद्द कर दीं, जरूरी होने पर वाहन लेकर घर से निकले। बहराइच के पयागपुर निवासी आकाश ने बताया कि शुक्रवार की रात उन्हें अपने दोस्त को उनके घर छोड़ने भिनगा आना था। कोहरे के चलते लगभग 50 किमी का सफर उन्हें 2:30 घंटे में तय करना पड़ा।
भिनगा निवासी अंकित ने बताया कि वह प्रयागराज से एमबीबीएस की पढ़ाई करते हैं। शुक्रवार की शाम उन्हें प्रयागराज जाना था, लेकिन कोहरे के चलते उन्हें अपनी यात्रा टालनी पड़ी।
कई जगह धूमिल हो गईं पट्टियां, हो सकती हैं घातक
पयागपुर से भिनगा पहुंचे आकाश ने बताया कि कोहरा इतना ज्यादा रहा कि 10 मीटर भी दिखना मुश्किल था। ऐसे में सड़क की सफेद पट्टी के सहारे पूरी यात्रा तय करनी पड़ी। आकाश व शुक्रवार को गिलौला से भिनगा पहुंचे पंकज कुमार ने बताया कि कई स्थानों पर सफेद पट्टी धूमिल हो गई है। खास कर कई मोड़ों पर स्थिति खराब है, जिसके चलते किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। जिम्मेदारों को कोहरे को देखते हुए पट्टी को सही करवाना चाहिए।
धूप निकलने से दो डिग्री बढ़ा न्यूनतम तापमान
घने कोहरे व पछुआ हवा के बीच शनिवार सुबह धूप निकलने से लोगों को गलन भरी ठंड से निजात मिली। ज्यादातर लोग घर के सामने बैठकर गुनगुनी धूप का आनंद लेते नजर आए। धूप का असर तापमान पर भी पड़ा और न्यूनतम तापमान दो डिग्री की वृद्धि के साथ सात डिग्री रहा। वहीं, अधिकतम तापमान 20 डिग्री दर्ज किया गया।