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यातायात नियमों की जानकारी सुरक्षा की गारंटी

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बीएस एक्सीलेंट विद्यालय में अपराजिता के तहत आयोजित कार्यक्रम में मौजूद यातायात प्रभारी व छात्र - फोटो : SRAWASTI
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श्रावस्ती। शिक्षा के साथ ही स्कूलों में बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी भी दी जानी चाहिए। नियमों का पालन कर जहां वे खुद सुरक्षित रह सकते हैं वहीं अन्य लोगों को भी जागरूक कर सकते हैं। यातायात नियमों का पालन ही सुरक्षा की गारंटी है। इसके लिए अभिभावकों को भी जागरूक होने की जरूरत है। यह बातें गुरुवार को अमर उजाला की अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स मुहिम के तहत भिनगा के बीएस एक्सीलेंट पब्लिक स्कूल में आयोजित जागरूकता गोष्ठी में यातायात प्रभारी ने कहीं।
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गोष्ठी की अध्यक्षता विद्यालय के प्रबंधक ने की। इस दौरान यातायात प्रभारी उप निरीक्षक अखिलेश कुमार ने छात्रों को यातायात नियमों व संकेतों की जानकारी दी। इसके साथ ही छात्रों व उनके अभिभावकों को नियमों के अनुपालन के लिए जागरूक किया।
छात्राओं को महिला सुरक्षा, यूपी 112, 1090 महिला टोल फ्री नंबर व 181 के बारे में बताया गया। वहीं पीसीसी कोर्स, ई एफआईआर, एंटी रोमियो व सुमंगला योजना सहित उन्हें गुड टच व बैड टच के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मौजूद छात्र छात्राओं ने सदैव यातायात नियमों का अनुपालन करने व लोगों को इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
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लोग यातायात नियमों को तोड़ कर खुद की जान को तो जोखिम में डालते ही हैं वहीं दूसरों के लिए भी खतरा बने रहते हैं। लोगों को चाहिए कि वह यातायात नियमों का कड़ाई से अनुपालन करें, ताकि मार्ग दुर्घटनाओं को रोका जा सके। बेटियां खुद को कमजोर न समझें। वह गुड व बैड टच के बारे में जानकारी रखें। यदि कोई उन्हें परेशान करे तो हेल्प लाइन नंबर पर काल कर पुलिस से शिकायत दर्ज कराएं। - अखिलेश कुमार, यातायात प्रभारी
शिक्षा के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान भी आवश्यक है। जीवन के हर कदम पर इसकी आवश्यकता पड़ती है। ऐसा कोई काम नहीं है, जो सिर्फ बेटे कर सकते हैं, बेटियां नहीं। ऐसा मानने वालों को अब अपनी सोच बदलनी होगी। विद्यालय में शिक्षा संस्कार के साथ ही सुरक्षा व यातायात नियमों की भी जानकारी दिलाई जा रही है। जिससे बेटिया स्वयं सुरक्षित रहकर सभी क्षेत्र में अपनी प्रतिभा व दमखम दिखा सकें। - कमल सिंह, प्रबंधक
माता पिता को चाहिए कि वह कम उम्र के बच्चों को वाहन कदापि न चलाने दें। सहपाठियों से अपील है कि सड़क पार करते समय मार्ग के दोनों तरफ देख कर ही आगे बढ़े। जिससे दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके। - रिया सिंह
यातायात पुलिस की ओर से हमें जो नियम, संकेत व बैड टच गुड टच सहित पुलिस हेल्प लाइन नंबरों के बारे में जानकारी दी गई है वह हमारे लिए बेहद जरूरी है। हम इसका अनुपालन करने के साथ दोस्तों को भी जागरूक करेंगे। - सोनाली सिंह
आज हमने यातायात नियत तथा संकेतों के बारे में जो सीखा उसे अपने भाई बहनों को भी बताएंगे। अपनी सहेलियाें को नियमित इसका अनुपालन करने के लिए प्रेरित भी करेंगे। जिससे वह सुरक्षित रहें व दूसरों को भी सुरक्षित कर सके। - सपना शुक्ला
अमर उजाला व पुलिस की पहल सराहनीय है। विद्यालयों में मिलने वाली जानकारियों से हम आत्मरक्षा व सड़क सुरक्षा के लिए तैयार हो सकेंगे। ऐसे में बेटियों के विद्यालय आने जाने पर माता पिता उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित नहीं रहेंगे। - अनन्या सिंह
हमें शिक्षकों से विद्या मिल रही है। पुलिस अधिकारियों ने हमें आत्मरक्षा व सड़क सुरक्षा के लिए तैयार किया। यह दोनों हमारे जीवन के लिए बेहद जरूरी है। ऐसे में अमर उजाला का यह अनूठा प्रयोग हमारा आत्मविश्वास बढ़ाने में कारगर होगा। - सलोनी यादव
अब ठंडक पड़ने लगी है। ऐसे में सुबह, शाम व रात में घने कोहरे के कारण काफी दूर तक वाहन व मवेशी नहीं दिखेंगे। ऐसे में सड़क पार करते समय सबसे पहले यह निश्चित कर लें कि मार्ग दोनों तरफ खाली है तभी सड़क पार करें। - पल्लवी राय
विद्यालय आते जाते समय छात्रों को चाहिए कि वह झुंड में न चल कर कतारबद्ध हो मार्ग के बाई पटरी पर चले। यदि सड़क पार करना हो तो अनुशासित होकर ही मार्ग पार करें। इधर उधर न भागें, इससे मार्ग दुर्घटना की संभावना कम होगी। - पूजा वर्मा
यातायात नियमों व संकेतों की जानकारी सभी के लिए जरूरी है। यदि वाहन चालक व अन्य लोग इसका पालन करें तो निश्चित ही मार्ग दुर्घटनाओं पर रोक लगेगी। तिराहों व चौराहों पर यातायात संकेतों को देख कर ही आगे बढ़े। - चंचल यादव
विद्यालय में आज मिली जानकारी का पूरा लाभ मिले। इसके लिए हम सभी छात्राओं को इसका अनुपालन करना होगा। साथ ही घर पर अपने भाई बहनों व सखी सहेलियों के साथ अनुभव साझा करते हुए उन्हें भी जागरूक बनाना होगा। - चांदनी खान
पुलिस हमारी मित्र है। वह चौराहों सहित हमारे आसपास मौजूद रहती है। इससे हमें सुरक्षा की गारंटी मिलती है। हमें पुलिस के सभी टोल फ्री नंबर, थाने का नंबर याद रखना चाहिए, ताकि विषम परिस्थितियों में हम पुलिस की सहायता लें सकें। -अमृता कुमारी
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