श्रावस्ती। महिला कल्याण विभाग की ओर से बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत 100 दिवसीय सावधान कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत बुधवार को हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन की ओर से कस्तूरबा विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्राओं ने बाल विवाह पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया। इस दौरान समाज को बाल विवाह मुक्त बनाने की शपथ भी ली।
नीति आयोग के डीपीए अभिषेक कुमार वर्मा ने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक अपराध है। बाल विवाह के दोषियों को सजा व जुर्माने का भी प्रावधान है। बाल संरक्षण इकाई से परामर्शदाता आशुतोष शुक्ला ने कहा कि विवाह के समय लड़की की आयु 18 व लड़के की आयु 21 वर्ष से कम हो, तो वह बाल विवाह की श्रेणी में आता है।
डीएमसी सरिता मिश्रा ने कहा कि बाल विवाह से लड़की व लड़के के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ता है। जेंडर स्पेशलिस्ट कुसुम व संजय कुमार वर्मा ने छात्राओं को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी।
इस दौरान छात्राओं ने बाल विवाह के विरोध में नाटक व गीत प्रस्तुत कर लोगों को ृमुग्ध कर दिया। साथ ही बाल विवाह न करने व समाज को बाल विवाह मुक्त बनाने की शपथ भी दिलाई गई। इस मौके पर प्रधानाचार्या कैसरजहां, जिला समन्वयक सपना सोनी, नीलम, देहात इंडिया से जिला समन्वयक मोहम्मद यूसुफ आदि मौजूद रहे।