श्रावस्ती। मनरेगा श्रमिक का बैंक खाता खोलवाकर उसका प्रयोग साइबर ठगी में करने के आरोप में शुक्रवार को पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद तीनों को जेल भेज दिया। आरोप है कि तीनों भोले-भाले लोगों का बैंक खाता खोलवाते थे और उसका एटीएम कार्ड अपने पास रख लेते थे। उस बैंक खाते का प्रयोग साइबर ठगी के लेनदेन में किया जाता था।
सीओ अपराध आलोक कुमार सिंह ने बताया कि भिनगा की ग्राम पंचायत संहनिया निवासी ओमकार ने बृहस्पतिवार को कोतवाली में तहरीर दी थी, जिसके जरिये आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत अमवा के सुजानडीह निवासी गोलू, टेपरा निवासी ननके और मनका चौक निवासी रामजस ने उसके साथ धोखाधड़ी करने के लिए बैंक खाता खोलवाया।
मनरेगा के रुपये आने के नाम पर खुले खाते में चार माह तक कोई रुपया नहीं आया। इस पर जब उन्होंने विपक्षियों से जानकारी का प्रयास किया तो सभी ने गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी भी दी। ओमकार की तहरीर पर धोखाधड़ी, आईटी सहित विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही थी।
शुक्रवार की शाम गुप्त सूचना पर तीनों को भिनगा रेंजरी के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। आरोपियों के पास से तीन पासबुक, एक एटीएम कार्ड और 1500 रुपये नकद मिले हैं। जांच के दौरान पता है कि तीनों लोगों के म्यूल खाते खोलवाकर उसमें साइबर ठगी के रुपये मंगवाते थे। जांच की जा रही है।