चंदरखा बुजुर्ग में अधूरा पड़ा आयुर्वेदिक चिकित्सालय।
- फोटो : चंदरखा बुजुर्ग में अधूरा पड़ा आयुर्वेदिक चिकित्सालय।
गिरंट बाजार (श्रावस्ती)। हजारों ग्रामीणाें को आयुर्वेदिक इलाज का तोहफा देते हुए साल 2015 में गिलौला विकासखंड की ग्राम पंचायत चंदरखा बुजुर्ग के पास राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय का निर्माण करवाया गया था। इससे ग्रामीणों में एलोपैथिक दवाओं से निजात मिलने व जड़ी-बूटियों से बेहतर इलाज की उम्मीद जगी थी, लेकिन हुक्मरानों की लापरवाही से सारी उम्मीदों पर पानी फिर गया। निर्माण के 10 साल बाद भी चिकित्सालय में चिकित्सक की तैनाती नहीं की गई है और चिकित्सालय भवन जर्जर होने लगा है। आलम ये है कि भवन के आसपास बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। (संवाद)
भटकना मजबूरी
अस्पताल बनता देख कर पूरा गांव खुश था कि अब अंग्रेजी दवाएं नहीं खानी पड़ेंगी, लेकिन उम्मीदों पर पानी फिर गया। आयुर्वेदिक चिकित्सालय बना होने के बाद भी हम सभी को भटकना पड़ रहा है। -मोहम्मद हनीफ
सरकार की मंशा को बट्टा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आयुर्वेद को बढ़ावा दे रहे हैं, लेकिन जिले के जिम्मेदार उनकी मंशा को बट्टा लगा रहे हैं। अस्पताल संचालन जल्द शुरू होना चाहिए। -बदलू खां
सरकार करवाए जांच
दस साल से अस्पताल निर्माण के बाद भी संचालन न होने की सरकार को जांच करवानी चाहिए। जांच में जिसकी भी लापरवाही मिले उस पर कार्रवाई होनी चाहिए।
राम बचन मौर्य
चिकित्सकों की तत्काल हो तैनाती
राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के निर्माण में सरकार के लाखों रुपये खर्च हो गए। ऐसे में तत्काल चिकित्सक की तैनाती कर इसका संचालन शुरू किया जाना चाहिए।
जुमई शाह