श्रावस्ती। गर्मी की शुरुआत हो चुकी है। आने वाले समय में पेयजल की भीषण किल्लत हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में खराब हैंडपंप लोगों की इस समस्या को बढ़ा सकते हैं। परिषदीय विद्यालयों में लगे हैंडपंप भी मरम्मत न कराए जाने से लोग परेशान हैं। तराई में मौसम का मिजाज लगातार गर्म होता जा रहा है। दोपहर में मौसम का पारा 30 डिग्री सेल्सियस से पार जा रहा है। लोगों की पानी पर निर्भरता बढ़ती जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में लगे ज्यादातर हैंडपंप या तो निष्प्रयोज्य हो चुके हैं या फिर उनसे दूषित जल निकल रहा है। कई स्थानों में गंदगी के बीच लगे हैंडपंप से पानी पीने से लोग कतरा रहे है।
कई स्थानों पर वर्षों से मरम्मत न होने के कारण लोग हैंडपंप के कलपुर्जे निकाल चुके हैं। कुछ स्थानों पर हैंडपंप का उपयोग मवेशियों को बांधने के काम के लिए किया जा रहा है तो कई जगह लोगों ने अतिक्रमण कर हैंडपंप के ऊपर लकड़ी व पुआल डाल रखा है। ऐसी ही स्थिति सीमावर्ती सिरसिया विकास क्षेत्र के ग्राम जमुनीकला के मजरा लालपुर व जमुनीकला सहित बदलपुर में देखने को मिली। प्राथमिक विद्यालय सहित लालपुर में महादेव प्रसाद वर्मा, किशोरी मौर्य, ननकू गिरी, ननकू साई व बदलपुर में कन्हई के घर के पास लगे हैंडपंप की स्थिति बहुत खराब है। मरम्मत न होने से ग्रामीण दूषित जल पीने को विवश हैं। ग्रामीणों ने डीएम से हस्तक्षेप कर समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।