श्रावस्ती। बाल विवाह अभिशाप है। इस कुप्रथा को रोकने के लिए जिले में हर संभव प्रयास जारी है। इसके बावजूद इस पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। ऐसे में अब इस कुप्रथा को रोकने के लिए मुखबिरों का सहारा लिया जाएगा। इसकी सही सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी वहीं उन्हें एक हजार रुपये का पुरस्कार भी दिया जाएगा। वहीं बाल विवाह करने वालों पर केस दर्ज कराया जाएगा। इसकी शुरुआत इकौना के मोहम्मदपुर राजा के मजरा चिरैधापुर से हो चुकी है।
यह बातें शुक्रवार को जिलाधिकारी यशु रुस्तगी ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में कही। उन्होंने बताया कि बाल विवाह की कुप्रथा को रोकने के लिए अब प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। बाल विवाह करने व कराने वालों को अब किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाएगा। प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी व उप जिलाधिकारी आरपी चौधरी ने बताया कि इकौना थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी ने अपने पुत्र का विवाह थाना क्षेत्र के दूसरे गांव निवासी की पुत्री से किया था। इसमें लड़के की उम्र 17 वर्ष व लड़की की आयु 14 वर्ष थी। इसकी शिकायत पर जांच कराई गई तो मामला सही मिला।
मामले में वर व वधू के पिता के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत मामला दर्ज कराया गया है। जिलाधिकारी ने बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने में सहयोग के लिए जिले वासियों से अपील की है। उन्होंने ग्राम प्रधानों, सभासदों, धर्मगुरुओं एवं जिले में आवासित लोगों से इस कुरीति को रोकने के लिए आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभाने को कहा है। उन्होंने बाल विवाह की सूचना जिला प्रोबेशन अधिकारी के मोबाइल नंबर 7518024032 या महिला हेल्पलाइन नंबर 1090181112 पर देने की अपील की है। कहा है कि सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।