जिला पंचायत सभागार में आयोजित गोष्ठी में मौजूद लोग।
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श्रावस्ती। भारतीय भाषा अभियान अवध प्रांत उत्तर प्रदेश के बैनर तले शनिवार को जिला पंचायत सभागार में हिंदी दिवस पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष गुरुवचन सिंह ने की। इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में अधिवक्ता परिषद के प्रदेश कार्य समिति सदस्य केके द्विवेदी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरूआत भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई।
कार्यक्रम में भारतीय भाषा अभियान के जिला संयोजक दिनेश कुमार पांडेय ने कहा कि हिंदी हमारी मातृ भाषा है। इसमें हिंदुस्तान की आत्मा बसती है। जबकि अंग्रेजी विदेशी भाषा है जिसमें आदेश छलकता है। हिंदी भाषा को बढ़ावा तभी मिल सकता है जब सरकारी कार्यालयों के कामकाज में इसका अधिक से अधिक उपयोग हो।
जनभाषा में जनता को न्याय मिले, जिससे वह निर्णय को पढ़ व समझ सके। संविधान के अनुच्छेद 350 में यह व्यवस्था है कि आवेदक अपनी भाषा में आवेदन कर सकता है। केके द्विवेदी के कहा कि हिंदी भाषा समृद्ध शाली व सर्वप्रिय भाषा है। जो मन को आनंदित करती है। हमें वाद पत्र एवं लिखित पत्र व्यवहार में अधिक से अधिक हिंदी भाषा का प्रयोग करना चाहिए।
गुरुवचन सिंह व श्रवण द्विवेदी ने हिंदी को व्यापक रूप में अंगीकृत करने पर बल दिया। वहीं रामचंदर वर्मा ने हिंदी को गौरवशाली भाषा बताते हुए इसका अधिक से अधिक न्यायालय में प्रयोग करने पर बल दिया।
नवीन तिवारी ने तुलसीदास जी के रामचरित मानस को हिंदी साहित्य में वृद्धि करने वाला ग्रंथ बताया। न्यायालय में हिंदी भाषा का प्रयोग करने का संकल्प लिया। इस मौके पर जिला प्रचारक जितेंद्र, रामनेवास गुप्ता, नागेंद्र बहादुर अस्थाना, पंकज देव गुप्ता, विष्णु दत्त असथाना, जेपी मिश्र मधुकर, अशोक कुमार पाठक, राजेंद्र प्रसाद पांडे, राजेश कुमार सोनकर, शिवपूजन सिंह व कृष्ण कुमार सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।