संवाद न्यूज एजेंसी
तुलसीपुर (श्रावस्ती)। जिले में मौसम का मिजाज पूरी तरह से गर्म है। ऐसे में खेतों में लगी फसल सहित धान की नर्सरी डाल चुके किसान उसे बचाने के लिए परेशान हैं। वहीं सूखी नहर किसानों की परेशानी बढ़ा रही हैं। जून का प्रथम पखवाड़ा समाप्त होने को है। ज्यादातर किसानों ने खेत में धान का बेरन डाल दिया है। किसान खेत की जुताई कर धान की रोपाई के लिए उसे तैयार कर रहे हैं। ऐसे में तपती धरती व सूखे पड़े खेतों से धूल उड़ रही है। धान की नर्सरी सहित अन्य फसलों को बचाने के लिए किसान बार बार सिंचाई कर रहे है। इन सबके बीच सूखी नहरें किसानों की परेशानी बढ़ा रही हैं। जमुनहा में तुलसीपुर के मजरा अडऱाई गांव के पास से होकर गुजरी मुख्य सरयू नहर से दो रजवाहा निकला है। इनमें तुलसीपुर रजवाहा व ददौरा रजवाहा शामिल हैं। जिसमें अब तक पानी न छोड़े जाने से रेत उड़ रही है। इसके सहारे धान की नर्सरी डाल चुके किसानों को बार-बार पंपिंग सेट का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे लागत बढ़ रही है। इससे किसानों में नाराजगी देखी जा रही है।
काश यहां भी आते केंद्रीय कृषि मंत्री
श्रावस्ती। केंद्रीय मंत्री कृषि एवं किसान कल्याण नरेन्द्र सिंह तोमर रविवार को श्रावस्ती पहुंचे। जिन्होंन जमुनहा तहसील क्षेत्र के राप्ती बैराज पर विकास तीर्थ (सरयू नहर परियोजना) का निरीक्षण किया। वह आज सोमवार को भी इकौना के सीताद्वार मंदिर पहुंचकर जनसभा को संबोधित करेंगे। ऐसे में सोनवा व हरदत्त नगर गिरंट क्षेत्र के किसानों को इसका मलाल है कि काश कृषि मंत्री नहरों का हाल जानने के लिए तुलसीपुर क्षेत्र आते तो सच्चाई उजागर होती। संवाद