पहली ही बरसात में खुली सफाई व्यवस्था की पोल, बढ़ी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रावस्ती। प्री मानसून की पहली बरसात ने जहां जिलेवासियों को भीषण उमस भरी गर्मी से राहत दिलाई। वहीं एक माह से बरसात की आस देख रहे किसानों के चेहरे खिल गए। वहीं इस बरसात ने नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था की पोल भी खोल दी। जगह-जगह व्याप्त कीचड़ व जलभराव के कारण लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है।
तराई में आषाढ़ मास के अंतिम पखवारे में भी जेठ जैसी तपन का अहसास हो रहा है। विगत डेढ़ माह से अपेक्षित बरसात न होने के कारण जहां पारा चरम पर पहुंच गया था। वहीं देर रात तक सूरज की तपन का अहसास हो रहा था। विगत दिनों हुई रिमझिम बरसात के बाद बढ़ी उमस ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं।
वहीं अपेक्षित बरसात न होने के कारण असिंचित सिरसिया क्षेत्र में एक तिहाई किसान धान की नर्सरी नहीं डाल पा रहे थे। जिन किसानों ने निजी संसाधनों के सहारे नर्सरी डाल दी थी, वे भी चिलचिलाती धूप व तपन के कारण बर्बाद हो रही थी। ऐसे में शनिवार मध्य रात शुरू हुई झमाझम बरसात रविवार सुबह तक जारी रही।
प्री मानसून की पहली बरसात के कारण जहां मौसम का पारा करीब पांच डिग्री सेल्सियस नीचे आ गया। वहीं लोगों को भीषण उमस भरी गर्मी से राहत भी मिली। अपेक्षित बरसात के बाद जहां फसलों को फायदा मिला। वहीं पानी पाकर किसानों ने धान की नर्सरी लगाने का काम तेज कर दिया है।
वहीं इस बरसात ने भिनगा व इकौना नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था की पोल भी खोल दी। नालियों की सफाई व जलनिकासी की व्यवस्था न होने के कारण बरसात के बाद जगह-जगह कीचड़ व जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हो गई। जिससे लोगों की दुश्वारियां भी बढ़ी हैं। इसे लेकर लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है।