वीरपुर। राजकीय आईटीआई वीरपुर का संचालन बीते कई वर्षों से बंद है। ऐसे में क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा के लिए अन्य संस्थानों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। हालांकि शुरूआती दिनों में संस्थान में प्रवेश के लिए युवाओं ने अपनी रुचि दिखाई थी, लेकिन पीपीपी माॅडल लागू होते ही संचालन ठप हो गया।
शासन प्रशासन ने वर्ष 2019 में आईटीआई की स्थापना कराई थी। संस्थान का संचालन शुरू होने के पहले ही वर्ष में 326 युवाओं ने विभिन्न ट्रेडों में प्रवेश लिया था। कक्षाएं भी बेहतर ढंग से चल रही थीं।
वहीं, 2020 में भी 296 युवाओं का प्रवेश हुआ और कक्षाएं संचालित हुई। इसके बाद वर्ष 2022 में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल लागू होने से राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान का संचालन ठप हो गया। निजी एजेंसियों के चयन के लिए टेंडर तो हुए, लेकिन संचालन शुरू नहीं हो सका।
शीघ्र शुरू होने की है उम्मीद
आईटीआई के संचालन के लिए उच्चाधिकारियों के साथ हाल ही में हुई बैठक में संस्थान को दोबारा संचालित करने के लिए जल्द ही टेंडर कराया जाएगा। एजेंसी का चयन होने के बाद संस्थान में पूर्व की भांति कक्षाएं चल सकेंगी।
- वीके गुप्ता, नोडल प्रधानाचार्य