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Shravasti News: एक साथ जली मां-बेटे की चिता, झलक पड़ीं आंखें

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सुविखा गांव में अंतिम संस्कार के दौरान उमड़ी भीड़। - फोटो : सुविखा गांव में अंतिम संस्कार के दौरान उमड़ी भीड़।
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गिलौला। हादसे में मृत हुए गिलौला के सुविखा गांव निवासी लिपिक संतोष नाथ मिश्रा व उनकी मां शांति देवी का शव रात में उनके गांव पहुंचा तो चीत्कार मच गई। पिता व दादी का शव लेकर पहुंचे संकेत को देख कर बहन आंशी उनसे लिपट कर रोने लगी। भाई-बहन का करुणा क्रंदन देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
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रात होने से दोनों के शवों का अंतिम संस्कार नहीं हो सका। सोमवार को लिपिक संतोष नाथ मिश्रा व उनकी मां शांति देवी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए हजारों की संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हुए। वहीं, सैकड़ों की संख्या में शिक्षक व बीआरसी कार्यालय के कर्मी भी मृतक संतोष के घर पहुंचे और बेटे संकेत व बेटी आंशी को सांत्वना दी। मां-बेटे की चिता एक साथ लगी और संकेत कांपते हाथों से पिता व दादी को मुखाग्नि दी। इस मार्मिक दृश्य ने सभी को झकझोर दिया।

ये थी पूरी घटना
बीआरसी गिलौला में लिपिक संतोष नाथ मिश्र सोमवार सुबह कैंसर पीड़ित मां शांति देवी का इलाज करवाने के लिए लखनऊ जा रहे थे। इस दौरान बहराइच-लखनऊ हाईवे पर बाराबंकी जिले के मसौली के पास उनकी कार डंपर से टकरा गई थी। हादसे में संतोष व उनकी मां की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, उनकी पत्नी संतोष कुमार गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनका इलाज ट्राॅमा सेंटर लखनऊ में जारी है।
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