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चार आर्य सत्य दुख मुक्ति के साधन : देवानंद

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जेतवन परिसर में भ्रमण करते अनुयायी। - फोटो : जेतवन परिसर में भ्रमण करते अनुयायी।
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कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती मंगलवार को कंबोडिया से आए अनुयायियों के 60 सदस्यीय दल से गुलजार रही। सभी अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में कौशाम कुटी पर दर्शन-पूजन किया। इस दौरान बौद्ध सभा भी हुई। इसमें भिक्षु देवानंद ने कहा कि गौतम बुद्ध सांसारिक दुख देखने के बाद सब कुछ छोड़ दिया और ज्ञान की खोज में निकल पड़े। कई स्थानों, जंगलों में विचरण करने के बाद उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई। इस दौरान उन्होेंने चार आर्य सत्य व आष्टांगिक मार्ग बताया, जो दुख मुक्ति का साधन है।इस अवसर पर भन्ते नागलोक, धम्म सागर, धम्म पिरय, आनंद सागर, निर्मल सागर आदि मौजूद रहे।
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