घाटेपुरवा के निकट कटान करती राप्ती नदी। - संवाद
श्रावस्ती/तुलसीपुर। जलस्तर घटने के साथ राप्ती ने एक बार फिर कटान शुरू कर दिया है, इससे किसानों में दहशत का माहौल है। राप्ती तेजी से फसल लगे खेतों को निगल रही है। कटान का आलम यह है कि 10 दिन पहले कटान रोकने के लिए बनाया गया बांस व ईंट की बोरियों का जाल भी नदी में समा रहा है।
राप्ती का जलस्तर घट कर 127.00 मीटर पहुंच गया है, इससे कटान तेज हो गया है। राप्ती जमुनहा तहसील के घाटेपुरवा, सलारूपुरवा व वीरपुर आदि गांवों में फसल लगे खेतों को निगल रही है। दहशतजदा ग्रामीणों का कहना है कि वीरपुर गांव के पास राप्ती की मुख्य धारा में भारी मात्रा में रेत जमा होने से धारा किनारों की ओर तेज हो गई है।
सबसे ज्यादा कटान घाटेपुरवा गांव में हो रहा है। घाटेपुरवा में कटान का आलम यह है कि राप्ती 10 दिन पहले गांव में कटान रोकने के लिए जगह-जगह लगाए गए बांस व ईंट भरी बोरियों के जाल को भी धारा में समाहित कर रही है। ग्रामीण कटान रोधी काम में भ्रष्टाचार का भी आरोप लगा रहे हैं।
सलारूपुरवा निवासी रक्षाराम, राजेश कुमार, मूने, भदई, मनोरानी, राम उजागर, राम जियावन, राजाराम, काशीराम, शिवप्रसाद, मोती लाल, करताराम व बुधराम आदि ने बताया कि अब तक लगभग 60 बीघा खेत कट चुका है और 30 बीघा से अधिक खेत कटान के मुहाने पर है।