श्रावस्ती। विद्यालयों की स्थिति जानने के लिए भवनों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। इससे जर्जर विद्यालयों का आंकड़ा स्पष्ट हो सकेगा। इसके लिए डीआईओएस ने सभी प्रधानाचार्यों को पत्र जारी कर विद्यालय भवनों का फिटनेस प्रमाणपत्र मांगा है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से राजकीय विद्यालय, शासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय व स्ववित्तपोषित विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और वहां काम करने वाले कर्मियों की सुरक्षा परखने के लिए विद्यालयों से फिटनेस प्रमाणपत्र लिए जा रहे हैं।
डीआईओएस सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को स्वयं भवन का भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद भवन के दुरुस्त होने व जर्जर होने की स्थिति का सही आंकड़ा तैयार हो सकेगा। उन्होंने कहा कि जर्जर भवन में विद्यार्थियों को कतई न बैठाया जाए। इसमें लापरवाही करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।