श्रावस्ती। बौद्ध परिपथ को छोड़ जिले के सभी प्रमुख मार्ग पर प्राइवेट बसों का संचालन होता है। इसके बावजूद कहीं भी बस अड्डा नहीं है। इससे दैनिक यात्रियों को हर मौसम में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में मंगलवार को प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में प्रत्येक जिले में प्राइवेट बसों के लिए बस अड्डा बनवाने के फैसले से जिलेवासियों में बेहतरी की उम्मीद जगी है।
जिले में भिनगा से बहराइच, लक्ष्मणपुर, मथुरा बाजार, परसा, सिरसिया, ताल बघौड़ा, जमुनहा से कानी बोझी, बाबागंज व बहराइच मार्ग पर प्राइवेट बस का संचालन हो रहा है। जिन मार्गों पर बसों का संचालन हो रहा है। वहां बस अड्डा न होने के कारण बसों को या तो मार्ग के किनारे खड़ा किया जाता है या फिर किराये की खाली भूमि पर। ऐसे में वहां न तो सिर छिपाने की व्यवस्था है और न ही कोई प्रसाधन व प्रकाश की। ऐसे में प्रत्येक मौसम में यात्रियों को आसमान के नीचे वाहनों का इंतजार करना पड़ता है।
ऐसे में प्रदेश सरकार की ओर से निजी बसों के संचालन को व्यवस्थित करने के लिए सरकार उत्तर प्रदेश स्टेट कैरिज बस अड्डा, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज व ऑल इंडिया टूरिस्ट बस पार्क नीति को मंजूरी देने से जिले में भी प्राइवेट बसों के लिए बस स्टैंड बनने की उम्मीद जगी है। ऐसे में जहां यात्रियों को सहूलियत होगी। वहीं निजी बसों पर काम करने वाले चालक परिचालक सहित हेल्परों को भी आधुनिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। सरकार के इस फैसले पर खुशी जताते हुए बस ऑपरेटर एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष गिरधारी पांडेय ने बताया कि यदि ऐसा हुआ तो प्राइवेट बसों पर यात्रियों की संख्या बढ़ेगी। जिसका लाभ संचालकों को होगा।