जमुनहा-बहराइच मार्ग पर शुक्रवार को हेडलाइट जलाकर निकलते वाहन। - संवाद
श्रावस्ती/तुलसीपुर। तराई में मौसम का मिजाज शुक्रवार की भोर अचानक बदल गया। घने कोहरे और लगभग छह किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पछुआ हवा चली। कोहरे के चलते गलन अचानक बढ़ गई और न्यूनतम तापमान तीन डिग्री लुढ़क कर पांच डिग्री पर पहुंच गया। दिन भर धूप नहीं निकली, बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे।
धूप निकलने से चार दिन तक मिली राहत के बाद शुक्रवार को तराई में कड़ाके की ठंड पड़ी। बृहस्पतिवार देर रात से शुरू हुई कोहरे की चादर शुक्रवार की सुबह मोटी हो गई और सड़कों पर दृश्यता घटकर 30 मीटर पहुंच गई।
दृश्यता घटने से वाहनों की रफ्तार थमी रही और वाहन चालकों को फॉग लाइट व सड़क की पट्टी के सहारे चलना पड़ा। कोहरे व सर्द पछुआ हवा की दोहरी मार से तराईवासी दिन भर घर में दुबके रहे और जरूरी होने पर ही बाहर निकले।
तराई में जारी कड़ाके की ठंड के चलते परिषदीय विद्यालयों में 15 जनवरी तक अवकाश घोषित किया गया था। शुक्रवार को विद्यालय पठन-पाठन के लिए खुल गए। बच्चों को ठिठुरते हुए स्कूल जाना पड़ा।
सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा शुक्रवार
तराई में 20 दिसंबर से कोहरे व सर्द हवा का दौर जारी है। 20 दिसंबर को तराई का न्यूनतम तापमान नौ डिग्री व अधिकतम 18 डिग्री दर्ज किया गया था। उसके बाद से पारा लगातार लुढ़क रहा है। 31 दिसंबर तक न्यूनतम तापमान नौ डिग्री व 10 डिग्री के बीच बना रहा। जनवरी की शुरुआत के साथ ही सर्द हवा की गति बढ़ गई और तीन जनवरी को न्यूनतम तापमान आठ डिग्री पर पहुंच गया। सात जनवरी को न्यूनतम तापमान एक डिग्री लुढ़क कर सीजन का सबसे कम सात डिग्री पहुंच गया। नौ जनवरी को पारा एक डिग्री और लुढ़का और छह डिग्री पहुंच गया। बीते शुक्रवार को तराई का न्यूनतम तापमान सीजन के सबसे निचले स्तर पर छह डिग्री पहुंचा। इस शुक्रवार को तापमान एक डिग्री और लुढ़कर कर पांच डिग्री पहुंच गया।