श्रावस्ती। तराई में गलन का दौर लगातार जारी है। बुधवार सुबह भी तराई हल्के कोहरे व तेज सर्द पछुआ हवा की चपेट में रही। लगभग पांच किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली पछुआ हवा ने लोगों को घर के अंदर भी ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। बुधवार को भी न्यूनतम तापमान सात डिग्री पर ठहरा रहा। लोग दिनभर ठिठुरते रहे।
तराई 20 दिनों से शीतलहर की चपेट में है। नववर्ष के दिन को छोड़कर धूप नहीं निकली, इससे जनजीवन अस्त व्यस्त है। मंगलवार की पूरी रात तराई तेज सर्द हवा की चपेट में रही। सर्द पछुआ हवा व गलन का सिलसिला बुधवार की सुबह भी जारी रहा। सुबह-सुबह टहलने वाले लोगों की संख्या घटी रही, लोग गलन से बचने के लिए घर में कैद रहे।
तराई में लगातार जारी गलन का असर कारोबार पर भी दिखने लगा है। तुलसीपुर निवासी सर्राफा व्यवसायी राजू सोनी, किराना व्यवसायी सुशील, कपड़ा कारोबारी सुशील कौशल ने बताया कि लगातार जारी गलन के चलते ग्राहकों की संख्या आधी से भी कम हो गई है। गलन व ठंड का सीधा असर हम सभी के व्यवसाय पर पड़ा है।
डीएम ने स्कूलाें में घोषित किया अवकाश
तराई में लगातार जारी कड़ाके की ठंड को देखते हुए डीएम अश्विनी कुमार पांडेय के निर्देश पर बुधवार को 12वीं तक के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया गया। बीएसए अजय कुमार ने बताया कि मंगलवार तक स्कूलों में छुट्टी थी। बुधवार को डीएम के निर्देश पर अवकाश किया गया है। मौसम पर नजर रखी जा रही है, आवश्यकता पड़ने पर अवकाश बढ़ाया जाएगा।
अभी राहत की नहीं दिख रही उम्मीद
तेज हवा के चलते बुधवार को तराई का न्यूनतम तापमान सात डिग्री व अधिकतम 19 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों ने अगले कुछ दिनों तक मौसम उतार चढ़ाव वाला रहने की उम्मीद जताई है। विशेषज्ञों के पुर्वानुमान के अनुसार बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान 7.9 डिग्री व अधिकतम 20 डिग्री, शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री व अधिकतम 20.3 डिग्री, शनिवार को न्यूनतम तापमान 83 डिग्री व अधिकतम 21.5 डिग्री और रविवार को न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री व अधिकतम 21.4 डिग्री रह सकता है।
किसान बरतें सावधानी
- कोहरे के दौरान गेहूं या सरसों की सिंचाई करने से बचें।
- सिंचाई में पाइप का प्रयोग करें और खाली स्थानों पर पानी जमा न होने दें।
- आलू में झुलसा रोग के लक्षण दिखने पर विशेषज्ञ की सलाह लें।
- सरसों के फूलों पर माहू दिखने पर तत्काल दवा का छिड़काव करें।