250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से देना होगा करीब 25 हजार का अर्थदंड
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रावस्ती। जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना समय से न देने व अधूरी जानकारी देना तहसीलदार जमुनहा को भारी पड़ा। मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सूचना आयुक्त ने तहसीलदार जमुनहा पर 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से करीब 25 हजार का अर्थदंड लगाया है।
जमुनहा तहसील क्षेत्र निवासी प्रेम कुमार विश्वकर्मा ने तहसीलदार जमुनहा से 31 अगस्त 2021 को तीन बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। सूचना न मिलने पर प्रेम कुमार ने पांच अक्तूबर को एसडीएम जमुनहा के समक्ष प्रथम अपील की थी। जहां से निराश होने के बाद उसने 25 नवंबर 2021 को आयोग में द्वितीय अपील की थी। मामले में 10 जनवरी को प्रेम कुमार विश्वकर्मा व प्रतिवादी तहसीलदार जमुनहा के प्रतिनिधि के रूप में क्षेत्रीय लेखपाल धीरेंद्र कुमार पाठक आयोग के समक्ष उपस्थित हुए थे। जिसमें लेखपाल ने बताया था कि आवेदक को पंजीकृत डाक के माध्यम से वांक्षित सूचना भेजी जा चुकी है। इस पर लेखपाल ने दाखिल सूचना की एक प्रति आयोग के समक्ष वादी को प्राप्त कराई गई थी। जो सूचना वादी को दी गई वह दो माह विलंब होने के साथ ही अधूरी थी।
इस संबंध में तहसीलदार जमुनहा की ओर से कोई स्पष्टीकरण भी प्रस्तुत नहीं किया गया। इस पर राज्य सूचना आयुक्त सुभाष चंद्र सिंह ने तहसीलदार जमुनहा के विरुद्ध सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से अर्थदंड लगाया है। जिसकी अधिकतम सीमा 25 हजार रुपये तक हो सकती है। संवाद