श्रावस्ती। विभाग की उत्पीड़नात्मक कार्यशैली से त्रस्त होकर उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ ने 21 सूत्री मांगों के समर्थन में ट्विटर पर हैशटैग अभियान चलाया। इस दौरान संघ के पदाधिकारियों का कहना था कि मांग पूरी न होने पर संगठन प्रदेश कार्यसमिति के पदाधिकारी महानिदेशक कार्यालय लखनऊ पर धरना देंगे।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया व कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के शिक्षक विभाग की उत्पीड़नात्मक कार्यशैली से त्रस्त हैं। उनका कहना था कि प्रदेश के बेसिक शिक्षकों की पुरानी पेंशन व सवा लाख विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के पद समाप्त कर दिए गए। विगत पांच साल से किसी भी शिक्षक की पदोन्नति नहीं की गई है। बेसिक शिक्षकों को मोबाइल अथवा लैपटॉप तथा इंटरनेट की सुविधा दिए बिना ही ऑनलाइन कार्य करने को मजबूर किया जा रहा है।
शिक्षामित्रों को शिक्षक के पद से हटाकर शिक्षामित्र बना दिया गया। अनुदेशकों का मानदेय 8,470 रुपये से घटा कर 7,000 रुपये कर दिया गया। परिषदीय विद्यालय के विशेष शिक्षक एवं रसोइया आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के शिक्षक योग्यता होते हुए भी स्थायी शिक्षक से कम वेतन पा रहे हैं। तमाम ज्ञापन देने के बाद भी किसी भी संवर्ग की समस्याओं का निराकरण नहीं किया जा रहा है। प्रदेश में एस्मा लगाकर शिक्षक व कर्मचारी संगठनों को आंदोलन करने से रोका जा रहा है।
ऐसे में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर एक ही परिसर में कार्य करने वाले शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, विशेष शिक्षक, रसोइया एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की समस्याओं से संबंधित 21 सूत्री मांग के संबंध में ट्विटर पर हैशटैग के साथ ट्वीट का अभियान चलाया है। मांगें पूरी न होने पर संगठन प्रदेश कार्यसमिति के पदाधिकारी महानिदेशक कार्यालय लखनऊ पर धरना देंगे। हैशटैग अभियान संघ के हरिहरपुररानी अध्यक्ष अनूप श्रीवास्तव, संयुक्त मंत्री अंकित श्रीवास्तव, सुनील दत्त शुक्ला, वीरेंद्र प्रताप सिंह तथा विकास खंड के पदाधिकारियों की देखरेख में चलाया गया।