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स्कूलों से गायब मिले शिक्षक, डीएम ने लगाई पाठशाला

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दो शिक्षक, एक शिक्षामित्र का वेतन रोका
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डीएम के निरीक्षण में मिले अनुपस्थित, विभागीय कार्रवाई के भी निर्देश
बच्चों ने पुस्तकें और जूता मोजा नहीं मिलने की दी जानकारी
माई सिटी रिपोर्टर
फोटो 20
श्रावस्ती। परिषदीय स्कूलों में बच्चों की शिक्षा पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके चलते बच्चों को ठीक से अक्षर ज्ञान नहीं हो रहा है, उन्हें ठीक से जोड़ घटाना भी नहीं आ रहा है। इसका खुलासा बुधवार को प्राथमिक विद्यालय नासिरगंज में डीएम की जांच में हुआ। इस दौरान पता चला कि बच्चे चार माह से बिना पुस्तकों के ही पढ़ रहे है। स्कूल से दो शिक्षक व एक शिक्षामित्र भी नदारद मिले। विद्यालय में मात्र सोलह प्रतिशत बच्चे ही उपस्थित मिले। यह हालत देख डीएम ने लगभग आधा घंटे तक बच्चों को गणित पढ़ाया। इसके साथ ही लापता दो शिक्षकों व एक शिक्षामित्र का वेतन रोकने के साथ विभागीय कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
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जिले के परिषदीय स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था बदहाल है। यहां न तो पढ़ाई हो रही और न ही यहां अन्य योजनाएं लागू हो पा रही है। यह सब तब हो रहा है, जब जुलाई से ही डीएम, सीडीओ व एडीएम स्कूलों की लगातार जांच कर रहे है। अब तक जिले में लगभग तीन सौ अस्सी स्कूलों की जांच इन अधिकारियों की ओर से की जा चुकी है। इसके बाद भी स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं आया। इसका खुलासा बुधवार को डीएम यशु रुस्तगी की ओर से प्राथमिक विद्यालय नासिरगंज की जांच में ही हुआ। इस दौरान सहायक अध्यापक दीप्ति सोनी व मनीष कुमार सिंह तथा शिक्षा मित्र नाजिया बानो स्कूल से अनुपस्थित पाये गये। यही नहीं कक्षा 6 में 75 में 18, कक्षा 7 में 59 में 3, कक्षा 8 में 36 के सापेक्ष छह छात्र ही उपस्थित पाए गए। इस दौरान छात्रों ने बताया की उन्हें अभी तक जूता-मोजा एवं पुस्तकें नहीं दी गई हैं। इस पर नाराज डीएम ने लापता शिक्षकों का वेतन व मानदेय रोकने व विभागीय कार्रवाई करने का आदेश दिया। वहीं बच्चों से गणित के सवाल पूछे। इसका जवाब कुछ बच्चे ही दे पाए। इस पर डीएम ने एबीएस को सभी स्कूलों के बच्चों को अभ्यास कराने को कहा। इस दौरान डीएम ने बच्चों को आधा घंटा गणित भी पढ़ाया। जांच के दौरान सीडीओ अवनीश राय सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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