श्रावस्ती। मोहर्रम की दसवीं पर शनिवार को गमगीन माहौल में जिले के विभिन्न क्षेत्रों मे ताजिया का जुलूस निकाला गया। इस दौरान गम में डूबे लोग काले कपड़े पहने आंखों में आंसू सीने पर मातम की सदा के साथ जुलूस में शामिल हुए। जुलूस में गूंजती या सकीना या अब्बास की सदाओ से पूरा माहौल गमगीन रहा। देर रात तक इन ताजियों को गमगीन माहौल में कर्बला सुपुर्द ए खाक किया गया।
मोहर्रम की दसवीं पर निकाले गए जुलूसों के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। पुलिस व प्रशासन के आला अफसर स्वयं पुलिस फोर्स के साथ संवेदनशील इलाकों में सुबह से लेकर देर रात तक मुस्तैद रहे।
जिले के विभिन्न घरों में रखे करीब 2672 ताजिया शनिवार दोपहर बाद मातमी जुलूस के साथ कर्बला के लिए रवाना हुए। इस दौरान जुलूस में शामिल लोग मातम मनाते हुए ताजिया लेकर भिनगा के अलक्षेंद्र इंटर कालेज मैदान पहुंचे। यहां महिला पायकों ने रोजा रख न सिर्फ मासिया पढ़ा बल्कि पुरुष पायकों ने छुरी व लाठियों का मातम भी किया। इंटर कालेज मैदान से देर शाम ताजिया नई बाजार होते हुए ईदगाह स्थिति कर्बला पहुंची। जहां गमगीन माहौल में ताजियों को सुपुर्द ए खाक किया गया।
इसी तरह सिरसिया, ताल बघौड़ा, जमुनहा, नासिरगंज, बदला, गिलौला, इकौना, कटरा, सेमगढा, तुलसीपुर, रतनापुर, लक्ष्मननगर, लक्ष्मनपुर बाजार, सेमरी सहित जिले के अन्य क्षेत्रों से ताजिया नजदीकी कर्बला पहुची जहां देर रात तक उन्हें भी सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान डीएम, एसपी, एडीएम, एएसपी व सभी एसडीएम संवेदनशील व अतिसंवेदनशील स्थानों पर दंगा नियंत्रण दस्ते व पुलिस-पीएसी के जवानों के साथ मौजूद रहे। मोहर्रम के शांतिपूर्ण तरह से संपन्न होने के बाद पुलिस व जिला प्रशासन ने राहत महसूस की।