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युवा दिवस के रूप में मनाई स्वामी विवेकानंद की जयंती

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श्रावस्ती। जिले में मंगलवार को स्वामी विवेकानंद की जयंती युवा दिवस के रूप में मनाई गई। इस दौरान कटरा के चौधरी राम बिहारी बुद्ध इंटर कॉलेज में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसकी शुरुआत प्रधानाचार्य ने स्वामी जी के चित्र पर माल्यार्पण से की।
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कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य मुन्नालाल यादव ने कहा कि पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति और अध्यात्म का डंका बजाने वाले स्वामी विवेकानंद की जयंती दुनिया भर में मनाई जाती है। उन्होंने केवल वैज्ञानिक सोच तथा तर्क पर ही बल नहीं दिया, बल्कि धर्म को लोगों की सेवा और सामाजिक परिवर्तन से जोड़ दिया। स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था। 1884 में उनके पिता विश्वनाथ दत्त का निधन हो गया। पिता की मृत्यु के बाद अत्यंत गरीबी की मार ने भी उनके चित्त को कभी डिगने नहीं दिया। संगीत, साहित्य और दर्शन में विवेकानंद को विशेष रुचि थी। तैराकी, घुड़सवारी और कुश्ती उनका शौक था।
शिक्षक राजेश कुमार यादव ने कहा कि एक दिन एक अंग्रेज मित्र तथा कु. मूलर के साथ वह किसी मैदान में टहल रहे थे। उसी समय एक पागल सांड़ तेजी से उनकी ओर बढ़ने लगा। अंग्रेज सज्जन अपनी जान बचाने को जल्दी से भागकर पहाड़ी के दूसरी छोर पर जा खड़े हुए। कु. मूलर भी जितना हो सका दौड़ी और फिर घबराकर भूमि पर गिर पड़ीं। स्वामी जी ने ये सब देखा और उन्हें सहायता पहुंचाने का कोई और उपाय न देखकर वे सांड़ के सामने खड़े हो गए और सोचने लगे चलो, अंत आ ही पहुंचा। बाद में उन्होंने बताया कि उस समय उनका मन हिसाब करने में लगा था कि सांड़ उन्हें कितनी दूर फेंकेगा। परंतु कुछ कदम बढ़ने के बाद ही वह ठहर गया और अचानक ही अपना सिर उठाकर पीछे हटने लगा। स्वामी जी को पशु के समक्ष छोड़कर अपने कायरतापूर्ण पलायन पर वह अंग्रेज बड़े लज्जित हुए। कु. मूलर ने पूछा कि वह ऐसी खतरनाक परिस्थिति से सामना करने का साहस कैसे जुटा सके। तब उन्होंने इसका कारण भी बताया।
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इस दौरान शिक्षक शशिभूषण शुक्ल, शिक्षिका कल्पना पाठक, जोगिंदर सिंह, कौशल यादव, पंकज द्विवेदी, तेज कुमार वर्मा सहित एनसीसी कैडेट्स व छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं। वहीं, सत्य नारायण उच्च शिक्षा संस्थान तुलसीपुर में स्वामी विवेकानंद की जयंती युवा दिवस के रूप में मनाई गई। जहां मौजूद वक्ताओं ने स्वामी जी के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अवध क्षेत्र के सह प्रांत प्रचारक मनोज, संस्थापक डॉ. एमएल वर्मा सहित सभी शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मी व विद्यार्थी मौजूद रहे।
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