श्रावस्ती। थाने आने वाले फरियादियों को न्याय के लिए भटकना न पड़े। मामला दर्ज होने के बावजूद विवेचना लंबित होने के कारण आरोपी खुलेआम घूमते हैं। इससे पीड़ितों का पुलिस पर से विश्वास डगमगाने लगता है। अत: ये प्रयास करें कि थाने आने वाले सभी पीड़ितों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए। साथ ही उसका तत्काल निस्तारण भी किया जाए। जिससे पीड़ित को सुगम न्याय मिल सके। ये बातें मंगलवार को इकौना थाने के अर्द्धवार्षिक निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक बीसी दूबे ने थाना प्रभारी सहित विवेचकों के साथ समीक्षा बैठक में कहीं।
एएसपी ने कोरोना से सुरक्षा एवं बचाव के लिए सामाजिक दूरी का पालन करते हुए थाने में उपनिरीक्षकों के साथ मीटिंग कर लंबित विवेचनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्हें कई विवेचनाएं लंबित मिलीं। जिस पर नाराजगी जताते हुए एएसपी ने लंबित विवेचनाओं का समय से निस्तारण करने के साथ ही वांछित व वारंटियों की गिरफ्तारी करने तथा लंबित प्रार्थनापत्रों का भी गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारण के लिए प्रभारी निरीक्षक इकौना सहित विवेचकों को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विवेचकों की कार्यप्रणाली नहीं सुधरी तो कड़ी कार्रवाई होगी।
उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करने, खुद को सुरक्षित रखने के साथ ही लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया। इसके बाद उन्होंने थाने में स्थापित महिला हेल्प डेस्क का भ्रमण कर तैनात महिला पुलिसकर्मियों से आगंतुक महिलाओं की शिकायत व समस्या को सरलता से सुनने व निस्तारण का निर्देश दिया। इसके बाद उन्होंने थाना परिसर, आगंतुक कक्ष, हवालात, बैरक, मालखाना, भोजनालय, थाना कार्यालय में रजिस्टरों को चेक किया। साथ ही शस्त्रों व रजिस्टरों के रखरखाव व परिसर की सफाई के लिए प्रभारी निरीक्षक को आवश्यक निर्देश दिए। वहीं, महिला हेल्प डेस्क में लंबित प्रार्थनापत्रों की जांच कर तीन दिन में कार्रवाई करने का निर्देश दिया।