जमुनहा क्षेत्र में गिरी गेहूं की फसल। - संवाद
श्रावस्ती/तुलसीपुर/जमुनहा। तराई में शुक्रवार को झमाझम बारिश हुई। इससे खेत में फसलें गिर गईं। तेज हवा के झोंकों ने लोगों को फिर से सर्दी का अहसास करा दिया।
शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे तक चटख धूप निकली रही। इसके बाद देखते ही देखते काले बादल छा गए और दिन में भी रात जैसा अहसास होने लगा। थोड़ी देर बाद ही हल्की बारिश शुरू हो गई, कुछ ही देर में झमाझम बारिश होने लगी। साथ ही तेज हवा भी चलने लगी।
मौसम का यह बदला रूप किसानों के लिए हानिकारक साबित हुआ। अब किसानों को खेत में खड़ी पकी फसलों के खराब होने का डर सता रहा है।
अचानक बदले मौसम से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। गौसपुर गांव निवासी किसान हनुमान प्रसाद ने बताया कि बारिश ने किसानों को बरबाद कर दिया है। खेत में लगी गेंहू की फसल की कटाई तो पिछड़ेगी ही, साथ ही उसके दाने भी खराब हो जाएंगे। बेचने पर गेहूं का अच्छा दाम नहीं मिलेगा। तेज हवा से फसल भी गिर गई है। तुलसीपुर निवासी किसान गिरवर प्रसाद कश्यप ने बताया कि आम के फसलों को अधिक नुकसान होगा। अब बौर में लाचा लगने से उसमें फल नहीं लगेंगे। मसूर, मटर व सरसों की फसल भी काफी प्रभावित होगी।