श्रावस्ती। जिले में 50 स्थानों पर रामलीला का मंचन किया जा रहा है। शुक्रवार को कहीं श्रीराम वनगमन व केवट संवाद, तो कहीं सीताहरण और बालि वध की लीला का मंचन हुआ। रामलीला स्थलों पर भक्ति गीतों और रामचरितमानस की चौपाइयों से वातावरण भक्तिमय हो गया। पटना खरगौरा स्थित पोखरा धाम मंदिर में स्थानीय कलाकारों ने श्रीराम वनगमन और केवट संवाद का मंचन किया। गंगा पार कराने से पहले केवट ने श्रीराम के चरण धोने की प्रार्थना की। उसे आशंका थी कि चरण स्पर्श से उसकी नाव भी कहीं पत्थर की शिला की तरह किसी अन्य रूप में न बदल जाए। श्रीराम ने उसकी प्रार्थना स्वीकार की और चरण धुलवाने के बाद गंगा पार की। वहीं, भिनगा के ठाकुरद्वारा मंदिर परिसर में सीताहरण और बालि वध का मंचन हुआ। भंगहा, रतनापुर, सिरसिया और जमुनहा सहित अन्य स्थानों पर भी रामलीला आयोजित की गई।