श्रावस्ती। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य 2025 तक क्षय मुक्त भारत करने का है। ऐसे में अपील है कि वह जिले को क्षयमुक्त बनाने में सहयोग करें। साथ ही उनके आसपास यदि कोई संदिग्ध है तो तत्काल इसकी सूचना विभाग को दें। मंगलवार को मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एपी भार्गव ने विश्व क्षय रोग दिवस के पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में हुए कार्यक्रम में ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि भारत को क्षय मुक्त बनाने हेतु 2025 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने कहा कि किसी भी कार्यक्रम के सफल होने में मीडिया की अहम भूमिका होती है। क्षय रोग एक ऐसी बीमारी है जिसे हम लक्षणों के आधार पर आसानी से खोज सकते हैं। दो सप्ताह से अधिक समय से खांसी या बुखार, बलगम में खून आना, सीने में दर्द होने, भूख न लगना एवं वजन का कम होना क्षय रोग के प्रमुख लक्षण है। टीबी दो प्रकार की होती है फेफडे़ की एवं फेफडे़ को छोडकर शरीर के किसी भी अंग में (नाखून एवं बाल को छोड़कर) टीबी हो सकती है। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. एमएल वर्मा ने बताया कि शासन टीबी मरीजों को पोषण के लिए प्रतिमाह पांच सौ की धनराशि उनके खाते में देती है। वर्ष 2020 में जिले के 1092 मरीजों के खाते में 20 लाख की धनराशि भेजी जा चुकी है। राज्य सलाहकार डा. उमर ने कहा कि क्षय रोग अब लाइलाज नहीं है। टीबी का समुचित इलाज अब सभी सरकारी स्वास्थ्य केन्द्र पर उपलब्ध है। मौके पर एसीएमओ डा. उदयनाथ, डा. मुकेश मातनहेलिया, डीपीसी रवि कुमार मिश्र, सौरभ कटियार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।