श्रावस्ती। पुलिस प्रशासन की उदासीनता से सिरसिया के भैंसाही नाले में बाले का अवैध खनन धड़ल्ले से हो रहा है। इस अवैध खनन को वैध बनाने के लिए धंधेबाजों ने फुटकर बालू बिक्री की दुकानें खोल रखी हैं। अवैध बालू खनन नाले से सीधे भिनगा तक पहुंच रहा है। इसकी पूरी जानकारी होने के बाद भी रोकथाम को लेकर स्थानीय पुलिस व तहसील प्रशासन के स्तर से कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
सोहेलदेव वन्य जीव विहार होने के कारण सिरसिया के जंगल से दस किलोमीटर परिधि में बालू खनन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है। इसके बावजूद यहां के भैंसाही नाले का बालू अच्छी गुणवत्ता का होने के कारण इसकी अवैध खनन धड़ल्ले से हो रहा है। अवैध खनन से जुड़े धंधेबाज ने पुलिस की मिलीभगत से शासनादेश की खामियों के बीच बीच का रास्ता निकाल रखा है।
शासनादेश के तहत खनित सामग्री को व्यापार करने वाला कोई भी दुकानदार सौ घन मीटर तक डंप कर सकता है, लेकिन उसको रीसेल करके परिवहन नहीं जारी कर सकता है। इसी भंडारण छूट की आड़ में सिरसिया क्षेत्र के कई मौरंग गिट्टी विक्रेताओं ने बालू के अवैध खनन को वैध करने का रास्ता निकाल रखा है। इसके लिए खनन क्षेत्र से सौ घन मीटर बालू खरीद की रायल्टी लेकर रख लिया जाता है। इसके बाद भैंसाही नाले से बालू लाकर उसे बेचा जाता है। शुक्रवार को सिरसिया के चैलाही स्थित कंस्ट्रक्सन अड्डा नाम की एक फर्म में कुछ इसी तरह का खेल देखने को मिला। यहां चार ट्राली बालू अवैध खनन करके लाकर गिराई जा रही थी।
क्षेत्र में निर्माण कार्य से जुड़ी कई फर्मों द्वारा पहले भैंसाही नाले से अवैध बालू खनन करके डंप किया जाता है। या सीधे इसे जीएसटी बिल काट कर भिनगा व अन्य क्षेत्रों में बेचने के लिए भेज दिया जाता है। बालू का यह अवैध कारोबार स्थानीय पुलिस व प्रशासन की देखरेख में चलता है।
बालू मौरंग मिट्टी के अवैध खनन पर सख्ती से प्रतिबंध है। यदि ऐसा किसी फर्म द्वारा किया जा रहा है तो इसकी सघन जांच कर आरोप सही पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई के साथ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। योगानंद पांडे, एडीएम