श्रावस्ती। संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा में स्थापित एमआरआई मशीन के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। जल्द ही मरीजों को जांच के लिए अन्य जिलों तक की दौड़भाग से फुर्सत मिल जाएगी। मशीन का ट्रायल प्रारंभ कर दिया गया है।
मरीजों को बेहतर जांच व चिकित्सीय सुविधा मिल सके, इसके लिए शासन की ओर से संयुक्त जिला चिकित्सालय में करीब दो वर्ष पूर्व एमआरआई मशीन की स्थापना सीएसआर फंड से कराई गई थी। लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से स्थापित मशीन के संचालन में कभी तकनीकी समस्या, तो कभी कर्मियों की अनुपलब्धता आड़े आ रही थी।
अब मशीन के संचालन के लिए सभी रास्ते लगभग साफ हो चुके हैं। जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से पीपीपी मॉडल पर मशीन के संचालन की मंजूरी मिलने के साथ ही कार्यदायी संस्था के रूप में वास्को इंटरप्राइजेस जयपुर का चयन भी कर लिया गया है।
तकनीकी खामियों को दूर करने के साथ ही मशीन का ट्रायल भी प्रारंभ कर दिया गया है। ट्रायल की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मशीन का संचालन जल्द प्रारंभ कर दिया जाएगा।
इन जांचों की मिलेगी सुविधा
एमआरआई मशीन के संचालन से हड्डी रोग, मस्तिष्क रोग, ट्यूमर, पेट, फेफड़ों आदि में समस्या होने पर जांच कराने में सहूलियत हो गी। मशीन से स्तन कैंसर व दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए लोगों की भी त्वरित जांच कर उपचार किया जा सकेगा।
आयुष्मान कार्ड धारकों को मिलेगी विशेष सुविधा
पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर संचालित एमआरआई मशीन से जांच कराने के लिए सामान्य मरीजों को मामूली शुल्क भी चुकाना पड़ेगा। हालांकि, प्राइवेट जांच केंद्रों पर पड़ने वाले शुल्क से करीब 75 प्रतिशत कम शुल्क लिया जाएगा। आयुष्मान कार्ड धारकों को जांच की सुविधा निशुल्क मिलेगी।
अब तक यह झेलनी पड़ रही दुश्वारी
मरीजों को आपातकालीन जांच की आवश्यकता पड़ने पर 40 किमी दूर बहराइच जिले के गिने-चुने प्राइवेट जांच केंद्रों की शरण लेनी पड़ती है। वहां भी घंटों लाइन में लगने के बाद ही जांच रिपोर्ट मिल पाती है। ऐसे में समय से उपचार न मिलने पर कई बार जान से भी हाथ धोना पड़ जाता है।
एमआरआई मशीन का संचालन दीपावली से पहले शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। तकनीकी रूप से मशीन के तैयार होने पर संचालन प्रारंभ हो जाएगा।
-डॉ. केके वर्मा, प्रभारी सीएमओ