कस्तूरबा इकौना में आयोजित वर्कशाप के दौरान नाट्य मंचन करती छात्राएं।
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कटरा (श्रावस्ती)। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय इकौना में चल रहे दस दिवसीय थिएटर वर्कशॉप का बुधवार को समापन हुआ। इस दौरान छात्राओं को नाट्य संस्था की ओर से बाल विवाह, दहेज उन्मूलन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ आदि विषय पर नाटक के माध्यम से जागरूक किया गया। वहीं छात्राओं को नाट्य कला भी सिखाई गई।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय की वार्डन कमलेश त्रिपाठी ने कहा कि बाल विवाह के मुख्य कारणों में गरीबी, लड़कियों की शिक्षा का निचला स्तर, लड़कियों को कम महत्व दिया जाना एवं उन्हें आर्थिक बोझ समझना है। सामाजिक प्रथाएं एवं परंपराएं बाल विवाह का मुख्य कारण हैं। उनके उन्मूलन के लिए सरकार व गैर सरकारी संस्थाओं की ओर से पहल की गई है। बाल विवाह के विरुद्ध कानूनों का निर्माण करने के साथ ही लड़कियों की शिक्षा को सुगम बना कर इसे रोका जा सकता है।
बाल विवाह अभिशाप भी है। सामाजिक नियमों को बदलना होगा। सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से युवतियों व महिलाओं को आर्थिक अवसर प्रदान करना होगा। सरकार ने पहल करते हुए बाल विवाह निरोधक कानून बनाया। बाल विवाह प्रथा रोकने के प्रयास में राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक एवं हिमाचल प्रदेश ने राज्यों में कानून पारित किए हैं।
प्रत्येक विवाह को वैध मानने के लिए उसका पंजीकरण आवश्यक किया है। छात्राओं के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना 2005 तैयार की गई है। जिसे पूरा करने के लिए समाज को आगे आना होगा। साथ ही बच्चियों को जागरूक भी करना होगा। इस मौके पर अर्चना सिंह, पूनम यादव सहित अन्य शिक्षिकाएं व छात्राएं मौजूद रहीं।