श्रावस्ती। पांच मौतों के साक्षी बने कमरे का नजारा भी हत्याकांड की बारीकी की ओर इशारा करता मिला। कमरे में पड़े बेड पर शहनाज व उनके बगल में बेटे मुईन व बेटी गुलनाज के शव पड़े थे। वहीं बड़ी बेटी तबस्सुम का शव बेड के पैर वाले हिस्से में उल्टी दिशा में पड़ा था। तबस्सुम का सिर गुलनाज के पैर के पास, जबकि पैर मां शहनाज के पैर की तरफ था।
इससे शहनाज व दो बच्चों की हत्या के बाद बड़ी बेटी तबस्सुम की हत्या करने की संभावना जताई जा रही है। लोगों में चर्चा है कि घर के बरामदे में सो रही सौतेली मां फातिमा को जानकारी न हो जाए, इसके लिए रोज अली ने पहले पत्नी की हत्या की होगी। छोटे होने के चलते गुलनाज व मुईन को इसकी भनक नहीं लगी और बाद में रोज अली ने उन्हें भी मौत के घाट उतार दिया। यही कारण है कि बुआ के साथ सो रही बड़ी बेटी तबस्सुम को रात लगभग 10 बजे वो कमरे में लाया और उसे भी मार डाला। लोगों का मानना है कि तबस्सुम छह साल की थी और शोर मचा सकती थी।
शहनाज ने किया होगा संघर्ष, टूटी थीं चूड़ियां
कमरे में जिस बेड से शहनाज व उनके तीन बच्चों के शव बरामद हुए हैं, वहीं शहनाज के सिर के पास से टूटी चूड़ियों के भी अंश मिले हैं। इसके बाद शहनाज द्वारा घटना के दौरान संघर्ष करने व संघर्ष के दौरान की चूड़ियों के टूटने की संभावना जताई जा रही है।