सोमवार को जल गया था स्टेबलाइजर, अब तक नहीं हो पाया ठीक
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रावस्ती। जिला अस्पताल के मेटरनिटी विंग में स्थापित सिक एंड न्यू बोर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) चार से दिन से बंद पड़ा है। इस वजह से यहां जन्म लेने वाले गंभीर नवजातों को बहराइच ले जाने की सलाह दी जा रही है।
दरअसल, एसएनसीयू का स्टेबलाइजर सोमवार शाम को जल गया था। चार दिन बीत चुके हैं, पर अब तक इसे ठीक नहीं किया जा सका है और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। इस वजह से यहां नवजात के लिए रखी सभी जीवन रक्षक मशीनें बंद हैं। इसके चलते जहां पहले इस यूनिट के 22 बेड हमेशा भरे रहते थे। वहीं अब यहां सन्नाटा है।
कुपोषण के कारण जन्म के समय नवजात को कई गंभीर समस्या रहती है। इसलिए नवजात को तत्काल एसएनसीयू की आवश्यकता पड़ती है। नवजातों के लिए जिला अस्पताल के मेटरनिटी विंग में 22 बेड का एसएनसीयू स्थापित किया गया है। सभी बेड पर रेडियंट वार्मर व ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की व्यवस्था है, ताकि गंभीर हालत में आने वाले नवजातों को तुरंत इलाज मिल सके। लेकिन विगत सोमवार शाम को एसएनसीयू को संचालित करने वाला स्टेबलाइजर जल गया। इससे यहां लगी सभी मशीनें बंद हो गई थीं। चार दिन बीत गए। इस एसएनसीयू का जला स्टेबलाइजर ठीक नहीं हो सका है। इसलिए मेटरनिटी विंग में जन्म लेने वाले नवजातों को बहराइच जाने की सलाह दी जा रही है। जिन नवजात के अभिभावक जाने में समर्थ हैं। वे तो चले जा रहे हैं। लेकिन जो बहराइच व लखनऊ जाकर नवजात का इलाज नहीं करा सकते वे भगवान भरोसे ही घर लौट जा रहे हैं।
इस संबंध में सीएमएस डॉ़ राम गोपाल बताते हैं कि एसएनसीयू में लगा स्टेबलाइजर 15 किलोवाट का है। इसे बनने के लिए बहराइच भेजा गया है। लेकिन अब तक वह ठीक नहीं हो पाया है।