श्रावस्ती। बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने, उचित रख रखाव व स्वास्थ्य कर्मियों की बेहतर कार्यशैली के आधार पर जिले के तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी को काकाल्प अवार्ड के लिए चुना गया है। प्रदेश भर के 327 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को इस अवार्ड से सम्मानित किया गया है। अवार्ड के तहत चयनित प्रत्येक सीएचसी को एक एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। यह जानकारी सीएमओ डॉ. एसपी तिवारी ने दी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में कई वर्ष से क्वालिटी एश्योरेंस के अंतर्गत तय मानकों पर खरा उतरने वाली सीएचसी को कायाकल्प पुरस्कार दिया जाता है। इस श्रेणी में पुरस्कार पाने के लिए सीएचसी को पहले से तय सात मानकों की कसौटी पर खरा उतरना पड़ता है। इसमें रोगी की संतुष्टि, चिकित्सालय कर्मियों की कार्यशैली एवं दक्षता में सुधार, साफ सफाई, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन, हाइजिन प्रमोशन, सेनिटाइजेशन, संक्रमण प्रबंधन के आधार पर जांच टीम की ओर से अंक प्रदान किए जाते हैं। इन्हीं अंकों के आधार पर इन स्वास्थ्य केंद्रों की रैकिंग तैयार होती है।
जिला परामर्शदाता क्वालिटी एश्योरेंस डॉ. राम समुझ चौधरी ने बताया कि पुरस्कार के लिए चयनित होने वाली सीएचसी सिरसिया को 77.14 प्रतिशत, सीएचसी मल्हीपुर तथा सीएचसी भिनगा को एक समान 72.14 प्रतिशत अंक मिले हैं। मल्हीपुर सीएचसी को यह पुरस्कार तीसरी बार व सिरसिया को दूसरी बार यह अवार्ड मिला है जबकि भिनगा सीएचसी ने पहली बार यह सम्मान प्राप्त किया है।
बताया कि पुरस्कार में मिलने वाली एक लाख रुपये की राशि का 75 फीसदी चिकित्सा इकाई के गैप क्लोजर, सुदृढ़ीकरण, रख रखाव व स्वच्छता व्यवस्था आदि पर खर्च होगा । पुरस्कार की 25 फीसदी राशि संबंधित इकाई के अधिकारियों व कर्मचारियों के हित से जुड़े कार्य पर खर्च होगी।