फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिरसिया की दो पंचायतें रहेंगी प्रधान विहीन

विज्ञापन
विज्ञापन
श्रावस्ती। पंचायत चुनाव के लिए हुए आरक्षण में रामपुर देवमन व खैरी तराई जनजाति के लिए आरक्षित कर दिया गया था। लेकिन मौके पर इन दो पंचायतों में जनजाति समुदाय का एक भी व्यक्ति न होने के कारण इन पंचायतों में चुनाव नहीं हो पाएगा। लेकिन रामपुर देवमन में एक व्यक्ति द्वारा दो सेट नामांकन पर्चा खरीदा गया था। लेकिन उसे जमा करने के लिए कोई भी नहीं आया।
विज्ञापन

पंचायत चुनाव के लिए हुआ आरक्षण वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर हुई थी। इस जनगणना में रामपुर देवमन में जनजाति के सात व खैरी तराई में इस समुदाय के दो लोग भी दर्ज किए गए थे। रोस्टर में जब यह पंचायत जनजाति के लिए आरक्षित हुआ तो यह मुद्दा जोरों से उठा कि इस पंचायत में इस समुदाय से संबंधित एक भी व्यक्ति नहीं है।
इसकी प्रशासन ने जांच भी कराई। लेकिन शासन स्तर पर इस तर्क को स्वीकार नहीं किया गया। बल्कि 2011 के डाटा के आधार पर ही आरक्षण को अंतिम स्वीकृति प्रदान कर दी गई। अब जब पूरे जिले में ग्राम सरकार गठित करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। तो यह दो ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां यह प्रक्रिया ठप पड़ी है। यह बात और है कि रामपुर देवमन के लिए किसी व्यक्ति द्वारा दो सेट में प्रधान पद के लिए नामांकन पत्र खरीदा गया था। लेकिन उसे जमा नहीं किया गया। इसी के साथ ही अब यह दो पंचायतें प्रधान विहीन रहेंगी।
विज्ञापन

इससे पहले भी एक पंचायत पांच वर्ष तक थी प्रशासक के भरोसे
जनगणना के दौरान हुई त्रुटियों का खामियाजा केवल इसी चुनाव में दो पंचायतें नहीं भुगतेंगी। इससे पहले भी सिरसिया विकास खंड के ग्राम पंचायत बलनपुर बसंतपुर में 2001 की जनगणना में हुई त्रुटि के कारण कुछ जनजाति के लोग दर्ज हो गए थे। इसी के आधार पर 2010 में यह पंचायत जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित कर दी गई थी। लेकिन मौके पर कोई भी इस समुदाय का व्यक्ति न होने के कारण पूरे पांच वर्ष यहां प्रधान के बजाए प्रशासक तैनात रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें