श्रावस्ती। कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि अभी तक जिले में किसी में नहीं हुई है, लेकिन इसका असर बाजार पर दिखने लगा है। दुकानों में सन्नाटा पसरा है। बाहर से सामान आ नहीं पा रहा। इसके चलते व्यापारी परेशान हैं। वहीं वित्तीय वर्ष का अंतिम माह होने के चलते व्यापारियों के सामने समस्या और बढ़ गई है। मार्केट में पड़ी उधारी वापस नहीं आ पा रही है। वहीं एडवांस जमा करने के बाद भी माल न मिलने से परेशान व्यापारी मार्च क्लोजिंग के लिए अब अतिरिक्त समय की मांग कर रहे हैं।
कोरोना वायरस को सरकार ने महामारी घोषित कर रखा है। यह लोगों के जीवन के लिए खतरा बना हुआ है। यदि जागरूकता हटी तो संक्रमण हो सकता है। इस लिए प्रशासन लोगों को जागरूक करने के लिए हर संभव पहल कर रहा है। वहीं दूसरी ओर इसका असर बाजार में दिखने लगा है। जिले में रेस्टोरेंट, होटल, मोटल के साथ ठेला खोमचे से ग्राहक नदारद हैं। जिन होटलों में दिन भर यात्रियों की भीड़ नजर आती थी वहां एक भी यात्री नहीं हैं। इसी के साथ ही कपड़ा, किराना, सहित अन्य व्यापार पर भी इसका असर पड़ा है।
सावधानी बरतते हुए लोग कम ही घरों से निकल रहे हैं। केवल आवश्यक सामग्रियों को खरीदने के लिए लोग दुकानों पर पहुंच रहे हैं। जिसके चलते बिक्री घटी है। सराफा बाजार में भी बिक्री का ग्राफ भी लुढ़का है। यही नहीं इस वायरस का असर थोक व्यापारियों पर भी पड़ा है। थोक व्यापारियों ने कानपुर व अन्य बाहर की मंडियों से सामान के लिए जो एडवांस दिया उसके बदले सामान की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसका कारण थोक मंडियों में कोरोना को लेकर बंदी होना बताया जा रहा है।
जिले में जिन थोक व्यापारियों ने छोटे दुकानदारों को उधार माल दे रखा है, उसकी रिकवरी भी नहीं हो पा हरी है। खुदरा व्यापारियों को कहना है कि माल ही नहीं बिक रहा है तो पैसा कहां से दें। व्यापारी मार्च क्लोजिंग के चलते परेशान है। उनका कहना है कि जिन सामानों की बिलिंग उनके जीएसटी पर हो चुकी है और वह अभी तक उनके पास पहुंचा ही नहीं या फिर जिसकी बिलिंग करके उन्होंने खुदरा व्यापारियों को दे दिया और उसका पैसा नहीं मिल पाया उनका जीएसटी कैसे जमा हो। व्यापारी इस समस्या से निपटने के लिए सरकार से कम से कम एक माह का समय मार्च क्लोजिंग के लिए मांग रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि उन्हें तीस अप्रैल तक का समय दिया।
बाजार में पड़ा माल व पैसा
बाजार की हालत ठीक नहीं है। व्यापारियों का माल व पैसा बाजार में पड़ा है। मंदी के चलते रिकवरी नहीं हो पा रही है। ऐसे में मार्च क्लोजिंग एक बड़ी समस्या है। हम अपने संगठन के माध्यम से सरकार से पहले ही मांग कर चुके हैं कि इस बार मार्च क्लोजिंग के लिए तीस अप्रैल तक का समय दिया जाए। - मिथिलेश शुक्ला, प्रदेश मंत्री उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल
दिया जाए अतिरिक्त समय
सर्राफा बाजार की हालत कोरोना के चलते बहुत ही खराब है। व्यापारी दुकानों पर आ ही नहीं रहे हैं। जिसके चलते पूरे बाजार पर आर्थिक मंदी छाई है। इसलिए संगठन के माध्यम से यह मांग की जा रही है कि मार्च क्लोजिंग के लिए कम से कम एक माह का अतिरिक्त समय दिया जाए। - घनश्याम रस्तोगी, जिलाध्यक्ष सर्राफा व्यापार मंडल
कोरोना से बचने के लिए बरते एहतियात
एसपी अनूप सिंह ने जिले वासियों से कोरोना वायरस से बचने के लिए एहतियात बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है। डब्लूएचओ के मुताबिक संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश, खांसी जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं तथा इसके लक्षण फ्लू से मिलते जुलते हैं। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे में फैलता है। इससे बचाव के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसमें हाथों को बार बार साबुन से धोना चाहिए, हैंड सेनिटाइजर का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें। अगर आपको लगता है कि आप बीमार हैं, तब मास्क का उपयोग करें। खांसते और छीकते समय नाक और मुंह रुमाल से ढककर रखें। जिन व्यक्तियों में कोल्ड और फ्लू के लक्षण हों उनसे दूरी बनाकर रखें। अंडे और मांस के सेवन से बचें। जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें। पर्यावरण को स्वच्छ रखे। सार्वजनिक व भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें, जितना संभव हो सके घर में रहें और अपने प्रियजनों व परिवार के साथ वक्त बिताएं।
लक्षण दिखे तो टोल फ्री नंबर पर दें सूचना
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कोरोना के असर को देखते हुए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जो 24 घंटे काम करेगा। यदि किसी में कोरोना के लक्ष्ण दिखे तो वह फोन नंबर 011-23978046 के माध्यम से कंट्रोल रूम में संपर्क कर सकता है। जहां कोरोना वायरस के लक्षणों या किसी भी तरह की आशंकाओं के बारे में जानकारी ली जा सकती है।
छिपाए नहीं बीमारी की दें सूचना
सरकार की ओर से प्रत्येक नागरिक के बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षा के लिए कदम उठाए गए हैं। किसी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर आपातकाल सेवा 102,108 या सरकार की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबर पर फोन करें। किसी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी समस्या की होने सूचना पर मेडिकल टीम की ओर से तत्काल पहुंचकर जांच व इलाज किया जा रहा है। किसी अन्य के बहकावे में न आए समस्या होने पर निकटतम स्वास्थ्य सामुदायिक केंद्र जाकर डॉक्टर से परामर्श अवश्य ले। पीड़ित व्यक्ति को कदापि न छिपाएं बल्कि पुलिस या मेडिकल टीम को सूचना अवश्य दें। बीमारी को लेकर कदापि न घबराए ना ही अफवाहों पर ध्यान दें। - डॉ. एपी भार्गव, सीएमओ