श्रावस्ती। जिले में गुरुवार रात सावन के मेघ झूमकर बरसे। मध्य रात के करीब शुरू हुई मूसलाधार बरसात भोर तक जारी रही। करीब तीन घंटे हुई झमाझम बरसात के बाद समूचा जिला पानी से तरबतर हो गया। इस बरसात के बाद सिर्फ खेत खलिहान ही नहीं नगर व गांवों की गलियां भी जलमग्न हो गई।
ऐसे में जहां कच्चे मकानों के गिरने का खतरा उत्पन्न हो गया है, वहीं जगह जगह जलभराव के कारण लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। वहीं खैरीमोड़ पर अधूरे सड़क निर्माण के कारण होने वाले जल भराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। वहीं इस बरसात के बाद तराई में मौसम का मिजाज पूरी तरह से सामान्य हो गया है।
तराई में सावन के मेघ मेहरबान है। गुरुवार रात शुरू हुई मूसलाधार बरसात करीब तीन घंटे तक जारी रही। झमाझम बरसात के कारण जहां नगर व कस्बा सहित गांवों की गलियां पूरी तरह से नाला बन गई। वहीं खेत व खलिहान भी पूरी तरह से जलमगभन हो गए। देखने से ऐसा प्रतीत हो रहा था मानों बाढ़ आ गई हो।
खैरीमोड़, बढ़ई टोला सहित कई अन्य स्थानों पर मार्ग का पानी लोगों के घरों में प्रवेश कर गया। वहीं कई स्थानों पर खेत व लोगों के घरों के सामने दूर दूर तक पानी ही पानी देखने को मिला। मूसलाधार बरसात के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों के ढहने का खतरा बढ़ गया है।
वहीं नेपाल के पहाड़ों सहित तराई क्षेत्र में हुई मूसलाधार बरसात के बाद सिरसिया क्षेत्र के पहाड़ी नाले भी उफान पर आ गए हैं। इससे पहाड़ी नालों का पानी लोगों के खेतों को जलमगभन करता हुआ तेजी से बहने लगा। इससे नाले के निकट खेतों में लगी फसलों के बर्बाद होने का खतरा भी बढ़ गया है। वहीं नाले के निकट निचले क्षेत्र में पड़ने वाले खेतों में नाले के पानी के साथ ही रेत आ जाने से किसान परेशान हो उठे हैं।
जलभराव से आवागमन में हुई दिक्कत
जिले में गुरुवार रात हुई बरसात के बाद तहसील परिसर, कृषि भवन, दहाना बस अड्डा, सरदार पटेल तिराहा, लकड़ी मंडी, बढ़ई टोला, सब्जी मंडी, खलवा बाजार, पुरानी बाजार, खरगौरा मोड़, कटरा बाजार, जमुनहा बाजार, तुलसीपुर, चिचड़ी चौराहा, रतनापुर, सिरसिया के पुरानी बाजार, दुर्गामंदिर सहित कई अन्य स्थानों पर कीचड़ व जल भराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। जिससे लोगों को आवागमन में असुविधा हो रही है।
धान के लिए वरदान बनी बरसात
जिले में इस समय धान की रोपाई का कार्य तेजी से चल रहा है। एक तिहाई के करीब किसानों की ओर से जहां धान की रोपाई का कार्य पूरा कर लिया गया है। वहीं दो तिहाई किसान धान की रोपाई की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में गुरुवार रात हुई बरसात ने मानो धान की फसल में टानिक घोल दिया। इस बरसात के बाद जहां धान की रोपाई के काम में और तेजी आ गई है। वहीं जिन किसानों ने धान की रोपाई का कार्य पूरा कर लिया है। उन फसलों के लिए यह बरसात वरदान मानी जा रही है। हालांकि इस बरसात के कारण खेत में लगी अरहर, उर्द, मूंग, लोबिया व मेंथा सहित सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचा है। गन्ने की फसल को इस बरसात का फायदा मिलेगा।